"यार तुझे पता है जब पीरियड्स होते हैं तब उसे कितना दर्द होता है। गर्म पानी का बैग रखना होता है उसकी थाई पर वगैरह वगैरह, समझ रहा है तू मेरी बात?" बॉलीवुड में संभवतः पहली मेनस्ट्रीम फिल्म, जिसके सीन में प्रेमिका के पीरियड्स की तकलीफ और दर्द पर बात की गई लेकिन फिल्म हो गई स्त्री-विरोधी! वाह!!
गंभीर ने ट्वीट किया, “ऊपर वाला अब और करीब से देखेगा। मेरी माताओं, बहनों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए मैंने आज से अपने संसदीय क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा लगवाने का काम शुरू कर दिया है। वैसे मफलरवाले (केजरीवाल) सर जी मेरा एक कैमरा आपके झूठे वादों पर भी फोकस्ड है।”
इससे पहले, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के भाटपारा इलाक़े में एक बार फिर हिंसक झड़पें हुई थीं, जिसके बाद क्षेत्र में भाजपा का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आया था। प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस की निंदा करने वाले नारे लगाए गए।
पुलिस ने इस मामले में घटना की जगह की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला और शुरुआती जाँच के बारे में बताते हुए रोहिणी के डीसीपी एस डी मिश्रा ने कहा कि उन्होंने इस बारे में घटना के समय मौजूद चश्मदीद गवाह से बात की, जिसने उन्हें इस घटनाक्रम के पूरे सीक्वेंस को बताया। इससे मोमिन के आरोप साबित नहीं होते हैं।
दूसरे देशों की सम्प्रभुता में हस्तक्षेप की नीति और कुछ नहीं, साम्राज्यवाद ही है। अमेरिका हिंदुस्तान के मुस्लिमों की चिंता छोड़ कर अपनी खुजली का इलाज करे।
सलमान खुर्शीद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज तो हम यही जानते हैं कि चुनाव हुआ और चुनाव में पीएम की लोकप्रियता इतनी थी कि उसके सामने कोई खड़ा नहीं हो पाया, लेकिन एक अच्छी बात है कि सुनामी आया, उसने सब कुछ बहा दिया, लेकिन कम से कम हम जिंदा रहे और आपसे बात तो कर सकते हैं।”
फेक न्यूज़ फ़ैलाने का स्वाति का पुराना इतिहास है। उन्होंने ऑपइंडिया को मानहानि नोटिस भेजते हुए आरोप लगाए कि हमारे चलते उन्हें पाठकों की संख्या में कमी झेलनी पड़ी है।
अब ये पाक के ऊपर है कि उसके साथ कैसा व्यवहार हो, अगर वाकई वह चाहता है कि भारत आतंक रोधी अभियान के तहत उसे कठोर कदमों का सामना न करना पड़े तो, कस्मों-वादों के चक्कर में न पड़के आतंक की कमर तोड़ने में लग जाए। नहीं तो क्या पता अगली बार भारतीय जवान जिस गति और मजबूती से कश्मीर सहित देश के हर उस हिस्से से जहाँ से आतंक की बू आ रही है, साफ कर रहे हैं, बेमुरव्वत आतंकियों को ठिकाने लगा रहे हैं। कल को पाक की सिर्फ कमर तोड़ने के लिए छोटे-मोटे सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि जड़ से आतंक के नासूर को उखाड़ फेंकने के लिए कोई और तरीका ही ईजाद कर लें!
शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पैतृक गाँव घीड़ी स्थित बाल कुंवारी मंदिर पहुँचे। उन्होंने यहाँ लगभग एक घंटे तक परिवार के सदस्यों के साथ कुलदेवी बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न होने के बाद उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनके हालचाल भी पूछे।
1988 में, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 18 से बढ़ाकर 26 कर दी गई थी और फिर 2009 में इसे 26 से बढ़ाकर 31 कर दिया गया था। जिस तरह 2009 में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई गई थी उसी तरह अब यह संख्या 31 से बढ़ाकर 37 करने की माँग भी CJI ने अपनी चिट्ठी में की है।