यूनिटेक की प्रॉपर्टी, B007 और B008 जो अक्टूबर 2010 में राहुल गाँधी द्वारा खरीदे गए थे, 2019 के चुनावी हलफनामे में प्रकट हुए हैं जिसे राहुल गाँधी ने वायनाड में दायर किया है।
न्याय योजना को बजट में जगह देने के लिए आमदनी चाहिए, आमदनी बढ़ाने के लिए टैक्स बढ़ाना होगा, चाहे लोगों पर हो, या वस्तुओं पर। दोनों ही स्थिति में भार वापस आम आदमी पर ही पड़ेगा। राहुल गाँधी को लगता है कि इतने बैंक हैं, वहाँ से पैसे ले लेंगे। राहुल गाँधी ऐसा सोच सकते हैं, क्योंकि वो राहुल गाँधी हैं।
राहुल गाँधी की संपत्ति 2004 में 55,38,123 रुपए से बढ़कर 2009 में 2 करोड़ और आखिरकार, 2014 में 9 करोड़ रुपए से अधिक हो गई। यहाँ यह भी बताना ज़रूरी है कि 2011-12 में, राहुल गाँधी आय से अधिक इनकम के एक मामले में आरोपित थे।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट का 70% हिस्सा ख़र्च करने की बात कहने वाली कॉन्ग्रेस बाकियों को बचे-खुचे 30% में निबटा देगी। किसान, महिलाएँ व ग़रीब किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाएँगे। सब्सिडी ख़त्म कर दी जाएगी, पेंशन रोक दी जाएगी।
भारत ने अफ्स्पा के अंतर्गत सेना को जो विशेषाधिकार दिए हैं वह उन क्षेत्रों में दिए हैं जहाँ वास्तविक शत्रु अपने देश का नागरिक नहीं बल्कि दूसरे देश का मज़हबी घुसपैठिया है।
"जब से राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार आई है, तब से हिन्दू धर्म और प्रतीकों को नीचा दिखाने का खेल खेला जा रहा है। और तो और, जो 'लोग' वंदे मातरम बोलने तक से परहेज करते हैं, वो अब शिवलिंग के ऊपर चढ़ कर नाचेंगे!
रॉबर्ट वाड्रा के साले राहुल गाँधी की चुनावी तैयारियों को देखकर तो अब तक यही लग रहा है कि वो अगले स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर के बजाए वो टिकटॉक की प्राचीर से राष्ट्र के नाम सम्बोधन देते हुए हुँकार भरते हुए देखे जाएँगे।
ख़बर मिज़ोरम की है। एक बच्चे से गलती से अपने पड़ोसी के चूजे पर साईकिल चढ़ जाती है। इस दौरान मासूम बच्चे को अपराधबोध का एहसास होता है और वो उसके इलाज के लिए अपने पास जमा पूरी पॉकेट मनी लेकर तुरंत अस्पताल पहुँच जाता है।
बेगूसराय के आजाद नगर स्थित एक गाँव में कन्हैया कुमार जब चुनाव प्रचार के लिए पहुँचे तो ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। लेकिन उनके वहाँ से जाते ही ग्रामीणों ने जो कहा, उस से बेगूसराय की चुनावी स्थिति का बहुत कुछ अनुमान लग जाता है।