ख़ुद के साथ हुए इस अन्याय के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के लिए सभी महिलाएँ एकजुट हुईं और अपनी आवाज़ बुलंद करने का निर्णय लिया। कार्ति के आगमन पर एक महिला ने पूछा कि जब वह वादा किए हुए ₹500 भी नहीं दे सकते, तो भला वो ₹6,000 कैसे देंगे।
आपने सत्ता की आलोचना को अपनी घृणा के सहारे खूब हवा दी, लेकिन आपने देश के नकारे विपक्ष और एक परिवार पर एक गहरी चुप्पी ओढ़े रखी। इसको अंग्रेज़ी में कन्विनिएंट साइलेन्स कहते हैं। यहाँ आप न्यूट्रल नहीं हो रहे, यहाँ आप जानबूझकर एक व्यक्ति का पक्ष ले रहे हैं ताकि उसकी छवि बेकार न हो।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारियों की तरह दीक्षित की पहुँच सोनिया गाँधी तक नहीं थी। वे जब भी मिलने की इच्छा जताते तो सोनिया गाँधी की तरफ से नकारात्मक उत्तर ही मिलता। वास्तव में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनते ही NSA पद के लिए झगड़ा प्रारंभ हो चुका था।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने मुल्तान में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि पाक सरकार के पास विश्वसनीय सूत्र हैं कि भारत एक नई योजना की तैयारी कर रहा है। उनकी जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 16 से 20 अप्रैल के बीच हो सकती है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित घर और सलाहकार राजेंद्र कुमार मिगलानी के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार सुबह आयकर विभाग ने छापेमारी की है। जिसमें अभी तक ₹9 करोड़ बरामद हुए हैं।
एक प्राइवेट मीडिया चैनल में जारी बहस के दौरान भाजपा और कॉन्ग्रेस दोनों पक्षों के बीच बहस शुरु हो गई और कॉन्ग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भाजपा प्रवक्ता केके शर्मा के ऊपर पानी फेंक दिया।
इस सर्वेक्षण में, पूरे देश के 5 लाख लोगों को शामिल किया गया है। इसमें NDA को 304-316 सीटों और भाजपा को 248-260 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की भविष्यवाणी मतदान एजेंसी ने की।
अगर स्त्री शक्ति नष्ट हो गई, तो जीवन की सभी सुंदर, सौम्य, सहज और पोषणकारी प्रवृत्तियाँ लुप्त हो जाएँगी। जीवन की अग्नि हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी। यह बहुत बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।
दो युवतियों के लिए अपनी सीट स्वेच्छा से छोड़कर ट्रेन की फर्श पर सोने वाला नेता आज देश का प्रधानमंत्री है। ट्रेन की गंदगी ही नहीं बल्कि समूचे देश के मानस में व्याप्त गंदगी उसने देखी है और उसका अनुभव किया है इसीलिए वह व्यक्ति साफ़ सफाई का आग्रह कर पाता है।
इन 600 खलिहर लोगों ने जो बात अपने पत्र में लिखी है वो है ‘हिंदुत्व के गुंडों’ का वर्णन! गुमनामी में जी रहे इन 600 लोगों ने भी सस्ती लोकप्रियता के लिए वही विधि अपनाई है, जो पुलवामा आतंकी हमले में समुदाय विशेष के उस भटके हुए फिदायीन ने अपनाई थी, यानि हिंदुत्व पर हमला!