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रिक्शा चलाकर 9 स्कूल खोलने वाले अहमद अली की कहानी, जिन्हें ‘मन की बात’ ने दी पहचान

पहला स्कूल बनाने के लिए अहमद अली ने अपनी ही पुस्तैनी जमीन का एक टुकड़ा बेच दिया था और दूसरा हिस्सा स्कूल के लिए दान कर दिया था। स्कूल चलाने के लिए कुछ धन अहमद अली ने अपनी मेहनत, बचत और कुछ चंदे के रूप में जुटाया।

नेशनल वॉर मेमोरियल पर सिब्बल की घटिया राजनीति: भूल गए देश व कॉन्ग्रेस का इतिहास

कॉन्ग्रेस भले ही जवानों की इस माँग को पूरा करने में विफल रही हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग में यह चीज तब से थी, जब वो पीएम नहीं बने थे। इस मंच से उन्होंने किया था कि सत्ता में आते ही देश के सैनिकों की याद में युद्ध स्मारक का निर्माण कराया जाएगा।

हम किस दौर में जी रहे हैं? पैर धोकर फोटो खिंचाए जा रहे हैं! ये रहा जवाब

मोदी के ऐसे प्रतीकात्मक कार्य आपको नौटंकी ही लगेंगे क्योंकि आप न तो लोयथम रिचर्ड को जानते हैं, न ही नाइदो तनियम को। आप उन हजारों उत्तर-पूर्व के लोगों को नहीं समझ पाते, और उनकी वेशभूषा पर टिप्पणियाँ करते हुए, उसके बालों के कारण उसकी जान ले लेते हैं।

शौर्य को सलाम: वकालत छोड़ सेना में लेफ्टिनेंट बनेंगी बलिदानी मेजर की पत्नी, SSB परीक्षा में आईं ‘अव्वल’

16 अभ्यर्थियों में अव्वल आईं गौरी माहादिक अब 49 हफ़्ते की ट्रेनिंग के लिए अप्रैल में चेन्नई रवाना होंगी। क़रीब एक वर्ष के कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्हें मार्च 2020 में भारतीय सेना में नॉन-टेक्निकल श्रेणी के तहत लेफ्टिनेंट का पद दिया जाएगा।

केजरीवाल का बुरा हाल: चंडीगढ़ में खाली कुर्सियों को सुनाना पड़ा भाषण, बेइज्जती देख मिनटों में भागे

मंच पर केजरीवाल, भगवंत मान, हरमोहन और शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी के बावजूद लोगों का रैली में न आना चर्चा का विषय है। खाली कुर्सियाँ देख बौखलाए केजरीवाल ने 7-8 मिनटों में ही अपना भाषण समाप्त कर दिया।

मोदी ने धोए पाँव, लेकिन नहीं पिया चरणामृत: माओवंशी पत्रकार गिरोह

इतने लोग सुबह-सुबह किसी खेत में जाते होंगे, और वहाँ खाद बनाते होंगे, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।किसानों की बात करने वाले मोदी जी का यही है असली चेहरा। खेतों से लोगों को वापस लौटा कर नीम कोटेड यूरिया बेच रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया को पता है कि पेशाब में यूरिया होता है।

‘जन सेवा’ की 40 तस्वीरों से ग़रीब, परोपकारी किसान रॉबर्ट ने सरकार पर साधा निशाना

वाड्रा ख़ुद ऐसा काम कर रहे हैं जिससे वो एक दयावान के रूप में ख़ुद को सामने रख सकें और इसके लिए वो नेत्रहीन और ग़रीब लोगों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।

गोली क्यों मारना, जब कह के ले सकते हैं पाकिस्तान की!

युद्ध हमेशा अंतिम विकल्प होना चाहिए। युद्ध तब तक टाला जाना चाहिए जब तक हमारे अस्तित्व पर ही संकट न आ जाए।

कमलनाथ दिन के 57 ट्रांसफर से पार्टी फ़ंड न जुटाते रहते तो 2 मासूमों की हत्या न होती

सतना में 2 मासूमों की अपहरण के बाद हत्या की घटना ठीक ऐसे समय पर घटी है, जब मध्य प्रदेश सरकार अधिकारियों के तबादलों में व्यस्त थी। 12 फरवरी को चलती स्कूल बस से अगवा किए गए जुड़वाँ भाई श्रेयांश और प्रियांश रावत के शव 13 दिन बाद बरामद हुए हैं।

‘भारत माता की जय’ हमारा नारा, देश को सबसे आगे पहुँचाना लक्ष्य हमारा: नित्यानंद राय

देश भर के चुनावों के लिए हमारे पास नरेंद्र मोदी जी का नाम और काम है तो बिहार में नीतीश कुमार जी का विकास और भ्रष्टाचार मुक्त बिहार का नारा और उनका नेतृत्व है। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ-साथ हम बिहार में नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में भी हैं।

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