चिन्मयी के ट्वीट पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने आकर जवाब दिया। पुलिस ने ट्वीट कर केस से संबंधित तथ्य रखे और बताया कि उक्त घटना रामपुर में हुई थी। एक महिला ने अमीर अहमद और सत्तार अहमद पर गैंगरेप का आरोप...
इस यूज़र ने यह वीडियो टिकटॉक पर पोस्ट करने के लिए बनाई थी, जो काफी वायरल होने के बाद लोगों के नजर में आया। शख्स कार के ऊपर चढ़कर कोई स्टंट कर रहा था। वीडियो में जो कार नजर आ रही है, इस तरह की गाड़ी अक्सर दिल्ली पुलिस के ACP प्रयोग करते हैं।
फेक न्यूज़ फ़ैलाने का स्वाति का पुराना इतिहास है। उन्होंने ऑपइंडिया को मानहानि नोटिस भेजते हुए आरोप लगाए कि हमारे चलते उन्हें पाठकों की संख्या में कमी झेलनी पड़ी है।
गोधरा कांड मामले पर बीबीसी ने अपने अनेक झूठ को दो छोटे वाक्यों में समेट दिया। 2011 में बीबीसी ने खुद रिपोर्ट की थी कि इस्लामी भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस पर हमला किया था, जिसमें 31 लोग दोषी पाए गए थे। इन सभी 31 लोगों को कारसेवकों को जिंदा जलाने के आरोप में अपराधी पाया गया था। खास बात ये थी कि ये सभी समुदाय विशेष से थे।
असली खबर से इतनी बड़ी छेड़-छाड़ के बाद प्रकाशित हुआ 'दि प्रिंट' पर ये लेख इस बात का सबूत है कि आज सरकार के प्रति मीडिया गिरोह में इतनी घृणा भर चुकी है कि यदि कोई व्यक्ति सरकार पर झूठा इल्जाम भी लगा दे तो वो उसे पब्लिक डोमेन में पहुँचाने में गुरेज नहीं करेंगे।
अब तो AltNews को कायदे से मेमे और अकबर-बीरबल के चुटकुलों के फैक्ट चेक करने के व्यवसाय में आ जाना चाहिए क्योंकि गंभीर और अतिसंवेदनशील मसले में अजेंडे के हिसाब से SSP स्तर के अफसरों के बयान को ट्विस्ट करके, फैक्ट चेक के नाम पर परोसना सर्वथा गलत है।
फैक्ट-चेक के बाद यह पता चला कि इस वीडियो में लोग किसी भोजपुरी गाने पर नहीं झूम रहे हैं बल्कि ओरिजिनल साउंड हटा कर भोजपुरी गाने को इसमें अलग से एडिट कर के डाला गया है। और हाँ, यह वीडियो लन्दन का है भी नहीं।
स्व-घोषित फ़ैक्ट-चेकर वेबसाइट AltNews के सह-संस्थापक, जिसने हाल ही में अलीगढ़ में तीन साल की टीना (बदला हुआ नाम) की हत्या और संभावित बलात्कार के एक प्रमुख आरोपित असलम के अपराधों पर पर्दा डाला था, उसने ऑपइंडिया की रिपोर्ट को ख़ारिज और बदनाम करने का काम किया।
मणिपुर गए बिहार के विधायकों की लड़की संग डांस करने वाली वीडियो सामने आई है। विधायकों की इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेकिन जाँच पड़ताल से पता चला कि यह वीडियो फेक है।
स्क्रॉल का लेख उसी समय आ रहा है जब रथयात्रा पर घटिया सवाल उठाने को लेकर The Hindu पहले ही घिरा हुआ है। यह संयोग नहीं, साज़िश है। फार्मूला है हिन्दू धर्म को खात्मे की तरफ ढकेलने का.....