साइबर क्राइम की बात होने पर कानून और स्पष्ट कानूनी ढाँचे के अभाव में, प्रतीक सिन्हा जैसे लोगों का ऑनलाइन स्टॉकिंग और उत्पीड़न जैसे अपराधों में शामिल होने के बाद भी बच निकलना आसान हो जाता है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब विनोद कापड़ी को झूठ फैलाते हुए पकड़ा गया हो। इससे पहले, कापड़ी ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की हिंसा से संबंधित एक फ़ेक न्यूज़ फैलाई थी
दरअसल 14 जनवरी को पीटीआई ने एक ख़बर अपडेट की थी, जिसके बाद इस ख़बर को आधार बनाकर मुख्यधारा की मीडिया वेबसाइटों ने प्रधानमंत्री के हेलीपेड के लिए 1000-1200 पेड़ काटे जाने की ख़बर को प्रमुखता से प्रचारित किया था।
ईस्ट कोस्ट रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक हेलीपेड बनाए जाने के लिए बड़े पेड़ को नहीं काटा गया है। हालाँकि, करीब 40 के आस-पास छोटे पेड़ व झाड़ियों को हेलीपेड बनाने के लिए काटा गया है।
फ्रांस की सरकार द्वारा इस ख़बर का खंडन किया जा चुका है। लेकिन आपका काम ही जब प्रोपेगंडा फैलाना बन जाए तो सुबह उठकर अख़बार या न्यूज़ वेबसाइट पढ़ने में दिलचस्पी कोई दिखाए क्यों? और यही काम आशुतोष और उसकी सत्य-हिन्दी टीम ने किया।
फ़र्ज़ी ख़बरों के अनुसार, ये विमान अगली पीढ़ी के F4 स्टैंडर्ड के होंगे और इस सौदे की प्रति यूनिट कीमत भारत F3R मानक के 36 राफ़ेल जेट विमानों के लिए चुकाए जा रहे क़ीमत की लगभग आधी है।
इस से पहले BBC को भी हमारे फ़ैक्ट-चेक के बाद अपनी रिपोर्ट एडिट करनी पड़ी थी। एक अलग मामले में 'द वायर' को भी हमारे फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट के बाद अपनी स्टोरी को एडिट करना पड़ा था।