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उइगरों को मिटाने के लिए चीन का खतरनाक कदम, बॉडी पार्ट काटकर तैयार कर रहा जीन बैंक: रिपोर्ट्स

चीन में अल्पसंख्यक लोगों के अंगों को जबरन काटकर उसका DNA इकट्‌ठा करने का काम हो रहा है। इसके लिए लोगों के साथ जबरदस्ती की जाती है।

कॉन्ग्रेस ने जिसे बताया ‘नौटंकी’, उससे बन गए 11 करोड़ शौचालय: झाड़ू के बहाने ‘दलित कार्ड’ खेल रही पार्टी याद करे अक्टूबर 2014

प्रियंका गाँधी के झाड़ू लगाने के विरोध को दलितों का अपमान बता रही कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री का अपमान क्यों किया था, जब उन्होंने झाड़ू पकड़ी थी?

जुमे की नमाज के समय अफगानिस्तान के शिया मस्जिद में धमाका, 100 की मौत: और खूनी हुई तालिबान और ISIS की जंग

अफगानिस्तान में तालिबान का शासन शुरू होने के साथ ही वहाँ पर इस्लामिक स्टेट खुरासान सक्रिय हो गया है और वह लगातार तालिबान पर भी हमले कर रहा है।

1000 कश्मीरी पंडितों को वापस मिली उनकी संपत्ति, हटाया जा रहा स्थानीय मुस्लिमों का कब्ज़ा: आतंकियों के बौखलाहट का कारण यही?

अब कश्मीरी पंडितों की उन संपत्तियों को वापस छुड़ाया जा रहा है, जिन पर स्थानीय मुस्लिमों ने कब्जा कर रखा है। इसीलिए बौखलाए हुए हैं आतंकी?

‘उसे राक्षसों ने मार डाला… वह वीडियो कभी नहीं भूलूँगी’: दो माँ जिनके बेटों को लखीमपुर खीरी में ‘किसानों’ ने मार डाला

हरिओम मिश्रा और श्याम सुंदर निषाद। दोनों की लखीमपुर खीरी में हत्या की गई। 'किसानों' के दिए इस जख्म से उनके परिवार कैसे उबरेंगे।

‘बाहर से लाएँगे, बसाएँगे और हम सोते रहेंगे?’: 5 दिन में 7 हत्याओं के बाद लोगों को याद आया फारूक अब्दुल्ला का बयान

कश्मीर में फिर से गैर-मुस्लिमों का कत्लेआम शुरू हो गया है, फारूक अब्दुल्ला की धमकी याद आ रही। पिछले 5 दिन में जम्मू कश्मीर में 7 हत्याएँ हुई हैं।

चीन के 200 फौजी खाली बंकर तोड़ने आए थे, भारतीय सेना ने खदेड़ा: रिपोर्ट में दावा- हिरासत में लेने के बाद छोड़े कई चीनी

घटना पिछले हफ्ते LAC के करीब बुम ला और यांग्त्से के सीमा दर्रे के बीच हुई थी। इस दौरान भारत ने कुछ चीनी फौजियों को अपनी हिरासत में भी लिया।

बिना नंबर वाली स्कार्पियो, उस पर लिखा ‘मुस्लिम फॉरएवर’: CRPF ने रोका तो अंधाधुंध फायरिंग, एक मरा-एक भागा

अनंतनाग के मोंघल ब्रिज पर एक बिन नंबर प्लेट वाली गाड़ी जिस पर 'मुस्लिम फॉरेएवर' लिखा था वह नाका पार्टी की ओर दौड़ाई गई। लेकिन जवानों ने आत्मरक्ष में गोली चला दी।

लखीमपुर खीरी हिंसा में ‘संजीवनी’ तलाश रही कॉन्ग्रेस, यह राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि अराजकता

लगता है 'किसानों' के अलावा जो लोग मारे गए वे भारतीय थे ही नहीं और उनके प्रति संवेदना प्रकट करने के लिए किसी और देश के राजनीतिक दल या नेता आएँगे।

‘वो आतंकवादी थे, खालिस्तानी थे… किसान नहीं’ – लखीमपुर खीरी हिंसा से पीड़ित एक पिता हैं TV-मोबाइल से दूर… बेटे शुभम मिश्रा को मरते...

परिजन कहते हैं कि जो लड़के (बीजेपी के) मारे गए हैं उस पर विपक्षियों ने कुछ नहीं कहा। आखिर ये भी तो किसान के बच्चे हैं। उनको सिर्फ बीजेपी का क्यों बताया जा रहा है।

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