एक अन्य ट्विटर हैन्डल से कहा गया कि मोदी किसी अगले जन्म में सजा नहीं भुगतेगा। यह सत्ता में रहने वालों की बनाई हुई एक कल्पना है जिससे आम आदमी शासकों के महलों को न जलाएँ।
इसमें कुल खर्च प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से विज्ञापन और प्रचारों में किया गया है। केजरीवाल सरकार ने बीते 2 साल में अपने प्रचार-प्रसार में 800 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च किया है।
दिल्ली में ऑक्सीजन की खासी किल्लत है। राजधानी के लिए 490 टन ऑक्सीजन अलॉट किया गया है। कल केंद्र सरकार ने 10 टन और बढ़ाई है। लेकिन, फिलहाल दिल्ली में अभी केवल 335 मीट्रिक टन तक ही ऑक्सीजन पहुँच रही है।
"अगर आवंटन 3 दिन पहले किया गया था, तो आपने टैंकरों के लिए कोई और विकल्प क्यों नहीं तलाशा? आपकी पार्टी के प्रमुख खुद एक प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं, वह जानते हैं कि यह काम कैसे किया जाता है।"
तबीयत बिगड़ने के बाद अली हसन को अस्पताल लाया गया, वहाँ 14 लीटकर ऑक्सीजन दी गई। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 23 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
केंद्र सरकार द्वारा यह राशि दिल्ली में 8 PSA ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए दी गई थी लेकिन केजरीवाल सरकार ने अब तक मात्र एक ऐसा ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया।