‘वाशिंगटन पोस्ट’ की खबर हो या 'गार्डियन' का संपादकीय, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ का कवरेज हो या ‘सीएनएन’ की कवरेज, ये सभी बस 'व्हाइट मेन्स बर्डन सिंड्रोम' का ज्वलंत उदाहरण है।
सवाल बस इतना था कि क्या गाँधी परिवार ने अस्थायी क्वारंटाइन सेंटर्स, अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट्स बनवाने या प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था करने में कोई योगदान दिया है?
जबसे टीकाकरण के तृतीय चरण की घोषणा हुई है तब से बहस और अफवाहों का बाजार फिर से गर्म है। अब कॉन्ग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने टीकाकरण के तृतीय चरण के अभियान में अपने राज्यों की भागीदारी से इंकार कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 3 दिनों में उत्तर प्रदेश में COVID-19 के नए मामलों में कमी आई है। राज्य में बेड, ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है।
जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। एएनआई के मुताबिक इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सशस्त्र बलों द्वारा की जा रही तैयारियों और ऑपरेशन की समीक्षा की।
हिन्दू लाशों के जलने की तस्वीरें शेयर कर के दानिश सिद्दीकी ने पूरी दुनिया में भारत की ऐसी छवि बनाने का प्रयास किया है, जैसे कोरोना वायरस संक्रमण के लिए हिन्दू ही जिम्मेदार हों और वही मर रहे हों।