रॉ मेटेरियल्स की सप्लाई शुरू करने को लेकर अमेरिका पर भारी दवाब था। याद दिलाया जा रहा था कि किस तरह भारत ने उसे विषम परिस्थितियों में HCQ की सप्लाई की थी।
केजरीवाल सरकार ने इस साल जनवरी से मार्च तक विज्ञापनों पर 150 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। इसी बीच उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो पोर्नोग्राफी वेबसाइट पोर्नहब के स्क्रीनशॉट की तरह दिखाई दे रही है।
क्विंट ने इस वीडियो में दिल्ली सरकार का डैशबोर्ड दिखाया था जिसका श्रीनिवास इस्तेमाल कर रहे थे। यह वही डैशबोर्ड है जिसकी कुछ दिन पहले बेड उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी देने के लिए आलोचना हुई थी।
एक अन्य ट्विटर हैन्डल से कहा गया कि मोदी किसी अगले जन्म में सजा नहीं भुगतेगा। यह सत्ता में रहने वालों की बनाई हुई एक कल्पना है जिससे आम आदमी शासकों के महलों को न जलाएँ।
इसमें कुल खर्च प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से विज्ञापन और प्रचारों में किया गया है। केजरीवाल सरकार ने बीते 2 साल में अपने प्रचार-प्रसार में 800 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च किया है।
दिल्ली में ऑक्सीजन की खासी किल्लत है। राजधानी के लिए 490 टन ऑक्सीजन अलॉट किया गया है। कल केंद्र सरकार ने 10 टन और बढ़ाई है। लेकिन, फिलहाल दिल्ली में अभी केवल 335 मीट्रिक टन तक ही ऑक्सीजन पहुँच रही है।
"अगर आवंटन 3 दिन पहले किया गया था, तो आपने टैंकरों के लिए कोई और विकल्प क्यों नहीं तलाशा? आपकी पार्टी के प्रमुख खुद एक प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं, वह जानते हैं कि यह काम कैसे किया जाता है।"