व्यापक फेरबदल के नाम पर ओल्ड गार्ड को किनारे कर कॉन्ग्रेस ने युवराज के वफादारों को भाव दिया है। यह उस योजना का हिस्सा है जो अध्यक्ष पद पर राहुल गॉंधी की दोबारा ताजपोशी से पूरी होनी है।
रिटायर नेवी अधिकारी को शिवसैनिकों ने फोन कर बाहर बुलाया और उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद मुंबई पुलिस पूर्व अधिकारी को ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी।
कॉन्ग्रेस के यह फैसले न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर स्पष्ट हमला थे। SC के जजों के निष्कासन को सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस और वाम दलों ने पूरी तरह से सही ठहराया था।