ताहिर हुसैन ने जानकारी दी कि उसने भीड़ को अपनी छत पर खड़े होकर गोलीबारी और पत्थरबाजी करने को कहा क्योंकि उसे लगता था कि उसका घर ऊँचा है तो वो हिंदुओं को आसानी से निशाना बना सकता है। उसने कबूल किया है कि भीड़ पेट्रोल बम लेकर आई थी।
दोनों 24 फरवरी को उस वक्त ताहिर हुसैन के कार्यालय में ही थे जब उसके बेसमेंट में लोग इकट्ठा हो रहे थे और आप का निलंबित पार्षद उनसे गोपनीय बातें कर रहा था।
आखिर साहिल परवेज ने तीन बार में तीन अलग-अलग बातें क्यों बोलीं? उसके पिता की हत्या घर के गेट के पास हुई या फिर बाबू राम चौक पर? उसे अस्पताल ले जाने वाला नितेश कौन है? साहिल अपने पिता को स्कूटी पर ले गया था, या उसका दोस्त शाहरुख?