Tuesday, April 13, 2021
Home राजनीति कॉन्ग्रेस गोत्र-मूल के 'विकास दुबे': कहानी रघुवर, सुशील और मनु की, शिकार बनीं बॉबी,...

कॉन्ग्रेस गोत्र-मूल के ‘विकास दुबे’: कहानी रघुवर, सुशील और मनु की, शिकार बनीं बॉबी, नैना और जेसिका

कॉन्ग्रेस का इतिहास केवल सियासी फायदे के लिए अपराधियों को संरक्षण देने का ही नहीं रहा है। बल्कि, उसकी संस्कृति आपराधिक छवि वाले लोगों को बचाने और उन्हें आगे बढ़ने का भरपूर अवसर मुहैया कराने वाले की रही है।

अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

यह सवाल उस कॉन्ग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गॉंधी का है, जिनकी पार्टी राजनीति और अपराध का कॉकटेल तैयार करने में सबकी उस्ताद है। उस जैसा हुनरबाज कोई नहीं।

प्रियंका ने यह ट्वीट कानपुर शूटआउट में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित और 60 से अधिक मामलों में नामजद गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर किया था। प्रियंका पार्टी की उत्तर प्रदेश की प्रभारी हैं। लिहाजा अपनी पार्टी की दागदार अतीत को भूल इस मामले में सियासी रोटी सेंकने का कोई अवसर उन्होंने नहीं छोड़ा।

कॉन्ग्रेस का इतिहास केवल सियासी फायदे के लिए अपराधियों को संरक्षण देने का ही नहीं रहा है। बल्कि, उसकी संस्कृति आपराधिक छवि वाले लोगों को बचाने और उन्हें आगे बढ़ने का भरपूर अवसर मुहैया कराने वाले की रही है।

जवाहर लाल नेहरू के 13 साल तक निजी सचिव रहे एमओ मथाई के संस्मरणों के हवाले से वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर बताते हैं कि एक बार एक कॉन्ग्रेसी केंद्रीय मंत्री के बेटे ने यूपी में हत्या कर दी। यह घटना 1950 से पहले की है। हत्यारा बेटा कथित सरकारी प्रभावों की वजह से जेल से छूटकर विदेश चला गया। उसके बाद मामले की सुनवाई पर कभी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ और बाद के वर्षों में मामला रफा-दफा हो गया।

आपातकाल के बाद इंदिरा गॉंधी की रिहाई के लिए विमान अगवा करने वाले देवेंद्र और भोला पांडे को को कॉन्ग्रेस ने न केवल पार्टी में आगे बढ़ाया, बल्कि वे माननीय कहला सकें इसके लिए उन्हें सांसदी और विधायकी का अवसर भी दिया।

इसी तरह राजीव गॉंधी पर एक अपराधी को बचाने के लिए दूसरे अपराधी को छोड़ देने का सौदा करने के आरोप उनके राजनीतिक विरोधी लगाते रहे हैं। कहा जाता है कि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने भोपाल गैस कांड के गुनहगार वॉरेन एंडरसन को इसलिए अमेरिका जाने दिया, क्योंकि उन्हें अपने दोस्त आदिल शहरयार को रिहा करवाना था। 80 के दशक में अमेरिका में शहरयार को बम विस्फोट, फर्जीवाड़े, ड्रग्स रैकेट से जुड़े होने के आरोपों के चलते 35 साल कैद की सजा सुनाई गई थी।

शायद इसी संस्कृति का असर था कि कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं के बच्चे और युवा नेता समय समय पर जघन्य अपराधों को लेकर चर्चा में रहे हैं। चाहे जेसिका लाल मर्डर हो या नैना सहनी की हत्या या फिर बॉबी सेक्स कांड। हर मामले में कॉन्ग्रेस परिवार के लोग आरोपित रहे हैं। लिहाजा मामलों पर लीपापोती की कोशिश भी हुई। कुछ बच गए। लेकिन कुछ को पीड़ितों के अथक संघर्ष और मीडिया के दबाव की व​जह से अपने गुनाहों की सजा भोगनी पड़ी।

शुरुआत बिहार से करते हैं। श्वेतनिशा त्रिवेदी उर्फ बॉबी बेहद आकर्षक थी। बिहार विधानसभा में टेलीफोन ऑपरेटर के पद पर काम करती थी। 1983 में एक दिन रहस्यमयी हालात में उसकी मौत हो गई और उसे गुपचुप कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया।

उस समय पटना के एसपी रहे किशोर कुणाल को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने कब्र से शव निकलवाया। शुरुआती जॉंच में जहर का इंजेक्शन देकर मारने और यौन शोषण की बात सामने आई। जिन पर आरोपों के छींटे पड़े उनमें तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष और कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता रहे राधानंदन झा के बेटे रघुवर झा भी थे।

केंद्र से लेकर प्रदेश तक कॉन्ग्रेस की सरकार थी। मशीनरी फटाफट सक्रिय हो गई। कुणाल को किनारे कर जॉंच सीबीआई को सुपुर्द कर दिया गया। बाद में जॉंच एजेंसी ने एक बेसिर पैर की कहानी गढ़ इसे आत्महत्या करार दिया और फाइल बंद कर दी।

रघुवर झा तक तो कानून की आँच कभी नहीं पहुॅंची। लेकिन, कॉन्ग्रेस के एक और बड़े नेता और ​हरियाणा में मंत्री रहे विनोद शर्मा के बेटे मनु की किस्मत ऐसे नहीं थी। हालॉंकि उसने भी जेसिका को मारा तो इसी रुआब में था कि वह बड़े नेता का बेटा और देश के राष्ट्रपति रहे शंकरदयाल शर्मा का नाती है।

जेसिका लाल की 29 अप्रैल 1999 की रात दिल्ली के टैमरिंड कोर्ट रेस्टोरेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कारण उसने मनु शर्मा को यह कहते हुए शराब परोसने से मना कर दिया था कि अब बार बंद हो चुका है। हत्या को कई लोगों की नजरों के सामने अंजाम दिया गया था। बावजूद फरवरी 2006 में सभी आरोपी बरी हो गए।

लेकिन जेसिका के परिवार की कोशिशों और मीडिया के दबाव की वजह से यह केस दोबारा खोलना पड़ा। फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चला और मनु शर्मा को उम्र कैद हुई। अप्रैल 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने भी मनु शर्मा की सजा बरकरार रखी। लेकिन इस बीच अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव की वजह से फर्लो पर जेल से निकल उसने शादी रचाई। दिल्ली की शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार पर उसे पैरोल देने के मामले में दरियादिली के आरोप भी लगे थे।

अब बात नैना साहनी की। उनकी हत्या का मामला तंदूर कांड के नाम से भी जाना जाता है। हत्या कर नैना को तंदूर की भट्ठी में झोंकने वाला उसका ही प्रेमी सुशील शर्मा था। दोनों लिव इन में रहते थे। कई लोगों का दावा है कि चुपचाप दोनों ने शादी भी कर रखी थ। सुशील यूथ कॉन्ग्रेस का उस समय उभरता हुआ नेता था। बताते हैं कि सीधे हाईकमान तक पहुॅंच थी उसकी।

सुशील के इस कारनामे की दुनिया को भनक भी नहीं लगती यदि 2 जुलाई 1995 की उस रात दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल अब्दुल नज़ीर कुंजू और होमगार्ड चंदर पाल गश्त पर ना होते। रात के करीब साढ़े ग्यारह बज रहे थे। होटल अशोक यात्री निवास में स्थित बगिया रेस्टोरेंट से दोनों ने आग और धुआँ निकलता देखा। मौके पर पहुॅंचे तो बताया गया कि कॉन्ग्रेस पार्टी के पुराने बैनर पोस्टर जलाए जा रहे हैं। पर वे नहीं माने। पुलिस बुलाई। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया और पता चला कि तंदूर में एक महिला की लाश जल रही है।

उस महिला की पहचान नैना साहनी के तौर पर हुई। नैना को घर में गोली मारने के बाद सुशील शर्मा जलाने के लिए लाया था। मामला खुलने के बाद सुशील ने पुलिस से बचे रहने के लिए अपने राजनीतिक संपर्कों का भरपूर इस्तेमाल किया। लेकिन, जनआक्रोश की वजह से उसे सरेंडर करना पड़ा और बाद में सजा भी हुई।

स्पष्ट है कि अपराधियों के सहयोग से सियासत करने की कॉन्ग्रेस की आदत पुरानी है। लेकिन, ऐसे वक्त में जब पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है, उसका शीर्ष नेतृत्व चिंतन करते हुए खुद से ही सवाल करता- ‘अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?’, तो बेहतर होता। शायद, इससे राजनीति को अपराधियों से मुक्त कराने का रास्ता भी निकलता।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
देसिल बयना सब जन मिट्ठा

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मरकज से कुम्भ की तुलना पर CM तीरथ सिंह ने दिया ‘लिबरलों’ को करारा जवाब, कहा- एक हॉल और 16 घाट, इनकी तुलना कैसे?

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना तबलीगी जमात के मरकज से करने वालों को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करारा जवाब दिया है।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।

गुफरान ने 5 साल की दलित बच्ची का किया रेप, गला घोंट मार डाला: ‘बड़े सरकार की दरगाह’ पर परिवार के साथ आया था

गुफरान अपने परिवार के साथ 'बड़े सरकार की दरगाह' पर आया हुआ था। 30 वर्षीय आरोपित ने रेप के बाद गला घोंट कर बच्ची की हत्या की।

SHO अश्विनी की हत्या के लिए मस्जिद से जुटाई गई थी भीड़: बेटी की CBI जाँच की माँग, पत्नी ने कहा- सर्किल इंस्पेक्टर पर...

बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार को पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में उनकी बेटी ने इसे षड़यंत्र करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की है। वहीं उनकी पत्नी ने सर्किल इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की माँग की है।

कुरान की 26 आयतों को हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, वसीम रिजवी पर 50000 रुपए का जुर्माना

वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,160FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe