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तबलीगी जमात में शामिल 960 विदेशियों का वीजा MHA ने किया रद्द: टूरिस्ट वीजा पर मजहबी गतिविधि में थे शामिल

गृह मंत्रालय ने इन सबका पर्यटक वीजा भी रद्द कर दिया है जिससे कि ये अब कभी भी भारत नहीं आ सकेंगे। देश में अब तक सामने आए कोरोना के मामलों में से लगभग 20% तबलीगी जमात से जुड़े बताए जा रहे हैं।

2 मंत्री: एक ने बस में ठूँस-ठूँस कर लोगों को भिजवाया, दूसरे ने बेटे के मरकज में जाने की बात छिपाई

जमात के इज्तिमा में शामिल लोगों की देशभर में तलाश की जा रही है। झारखंड में इनमें से एक नाम मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे तनवीर का भी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि मंत्री पर इस बात को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। हालॉंकि उनका पूरा परिवार होम क्वारंटाइन में चला गया है।

नमाज पढ़ने के लिए भी जीवित रहना जरूरी: जो CAA-NRC फेसबुक पोस्ट से समझ गए, उन्हें मोदी की अपील नहीं समझ आ रही

PM मोदी ने लोगों से 21 दिन तक घरों में रहने की अपील बेहद सामान्य शब्दों में और विनम्रतापूर्वक की थी। फिर भी एक विशेष वर्ग, जिसने सत्ता-विरोधियों के एक ही इशारे में नागरिकता कानून को समझ लिया था और शाहीनबाग़ खड़ा कर दिया, के लिए यह अपील समझनी मुश्किल नजर आ रही है।

अभी मस्जिदों को आबाद करो, लॉकडाउन मुस्लिमो को डराने का, मिलने से रोकने की साजिश है: मरकज का मौलाना

"लॉकडाउन और कोरोना का खौफ फैलाना सिर्फ़ एक स्कीम है। ताकि एक मुस्लिम दूसरे मुस्लिम से न मिल सके। एक थाली में साथ न खा सके..."

‘वायर’ बना लायर: फैलाया झूठ, केस दर्ज होने पर ‘प्रपंची जात भाई’ ऑल्टन्यूज कूदा बचाव में

प्रोपेगेंडा वेबसाईट TheWire एक फर्जी खबर चलाता है - योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ। सरकार के द्वारा FIR दर्ज की जाती है। इससे स्वघोषित फैक्ट-चेकर प्रतीक सिन्हा बौखला जाता है। इसे लेकर वह न सिर्फ ANI पर सवाल उठाता है बल्कि प्रेस स्वतंत्रता से भी जोड़ देता है।

योगी सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलानी पड़ी महँगी: ‘द वायर’ पर दर्ज हुई FIR

"हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्रवाई की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।"

‘राम’ को इलाहबाद चुनाव में उताकर कॉन्ग्रेस ने किया था वोटर की धार्मिक भावनाओं से खेलने का प्रयास

कॉन्ग्रेस ने वीपी सिंह के खिलाफ अरुण गोविल से चुनाव प्रचार करवाकर इलाहाबाद के मतदाता की भावना भड़काने की कोशिश की थी। इलाहाबाद उपचुनाव उस समय हॉट टॉपिक था और राजीव गाँधी अपनी छवि को हिंदुओं के बीच बेहतर जताने का भी प्रयास कर रहे थे।

निज़ामुद्दीन मरकज का मकसद क्या था? जानिए किस राज्य में कितने पहुँचे, विदेशी मौलवी कहाँ-कहाँ छिपे थे

अब सवाल खड़ा होता है कि दिल्ली मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये जो जमाती पूरे देश में फैले इन्होंने जागरूकता के नाते पहले अपनी जाँच क्यों नहीं कराई और जब ये लोग दूर क्षेत्रों की मस्जिदों में पहुँचे या वहाँ रुके भी तो इस दौरान वहाँ के स्थानीय लोगों ने इसके संबंध में पुलिस प्रशासन को क्यों अवगत नहीं कराया।

ऐसे खाली हुआ निजामुद्दीन का मरकज: रात के 2 बजे एक्शन में आए NSA डोभाल, फिर ढीला पड़ा मौलाना

दिल्ली पुलिस के बार-बार कहने पर भी मौलाना साद इमारत खाली करवाने को तैयार नहीं था। बाद में उसने केवल 167 लोगों को ही क्वारंटाइन किए जाने की अनुमति दी। लेकिन, जब डोभाल ने मोर्चा सॅंभाला तो वह पूरी इमारत खाली करवाने को तैयार हो गया।

तबलीगी जमात को बचाने के लिए ‘द वायर’ ने चलाया CM योगी का झूठा बयान: दर्ज हो सकता है केस, मिली फटकार

सीएम योगी के मीडिया सलाहकार सिद्धार्थ वरदराजन को चेताया कि अगर उन्होंने अपनी इस फेक न्यूज़ को तुरंत डिलीट नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी और उन पर मानहानि का मुकदमा भी चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए ये भी कहा कि कार्रवाई के बाद वेबसाइट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी सिद्धार्थ वरदराजन को डोनेशन माँगना पड़ जाएगा।

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