देश के ख़िलाफ़ बयानबाजी करने वालों को अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में छिपाया जाता रहा है। उनके प्रति संवेदना दिखाई जाती रही है। एक तय क्रम के साथ उनके विवादों में आने के बाद उन्हें हीरो बनाने की कोशिश हुई। उससे पहले से मालूम चल चुका है कि शर्जील इमाम के मामले में अब आगे क्या होगा?
अनुभा ने कहा कि जब कुणाल कामरा मोटा हुआ करता था और किसी ने उसके बारे में नहीं सुना था, तब वो ऐसे जोक्स मारा करता था जिसपर किसी को हँसी नहीं आती थी। यही वो समय था जब वो फर्जी ट्विटर अकाउंट्स के जरिए महिला कॉमेडियनों को प्रताड़ित किया करता था।
रोहिंग्या संगठन ARSA ईसाइयों को प्रताड़ित कर रहा है। हालिया हमले में 12 रोहिंग्या ईसाई गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ के शरीर पर एसिड फेंक कर हमला किया गया। पीड़ितों में महिलाएँ एवं बच्चे भी शामिल हैं।
जोगेंद्रनाथ मंडल के साथ जो कुछ हुआ वह बताता है कि 'जय भीम-जय मीम' दलितों के छले जाने का ही नारा है। मजहबी उन्मादी उनकी आड़ लेते हैं। कॉन्ग्रेसी और वामपंथी उनकी लाशों पर चढ़ 'मीम' का तुष्टिकरण करते हैं। #CAA के नाम पर जो हो रहा है वह इससे अलग नहीं।
सीएए के समर्थन में आयोजित रैली में शामिल नीरज प्रजापति मुस्लिमों की हिंसा का शिकार बने थे। परिजनों ने ऑपइंडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन ने जल्दी-जल्दी अंतिम संस्कार कराने के चक्कर में धार्मिक रीति-रिवाज भी पूरा नहीं करने दिया।
"दंगाइयों ने मेरे पति को दौड़ा कर उनके सिर पर रॉड से वार किया। इसके बाद वो किसी तरह भागते हुए घर पहुँचे। वहाँ पहुँच कर उन्होंने मुझे सारी बातें बताईं। इसके बाद वो अचानक से बेहोश हो गए।" - क्या मुख्यमंत्री सोरेन सुन रहे हैं मृतक की पत्नी की दर्द भरी आवाज़?
उसके चाचा अरशद इमाम ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के लिए उनके भतीजे का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं शरजील की अम्मी ने कहा है कि मेरा बेटा निर्दोष है। परिवार ने कहा कि उन्हें संविधान पर पूरा भरोसा है।
शरजील ने लोगों को सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकेन्स नेक) को ब्लॉक कर के पूरे उत्तर-पूर्व को शेष भारत से अलग-थलग करने के लिए भड़काया था और अपनी 'टुकड़े-टुकड़े' वाली मानसिकता का परिचय दिया था। उसे बिहार के जहानाबाद से गिरफ़्तार किया गया।
CAA रैली में मुस्लिमों ने लोहे के रॉड से उनके माथे पर पीछे से वार किया। कई दिनों से अस्पताल में भर्ती नीरज की मौत हो गई। प्रशासन व पुलिस पीड़ित परिजनों पर दबाव डाल रहा है कि वो ऐसा बोलें कि नीरज की मौत बाथरूम में गिरने से हुई है। किसे बचाने का प्रयास कर रही हेमंत सरकार?