वाड्रा अपने लंदन प्रवास के दौरान 12 ब्रैंस्टन स्क्वायर स्थित इस फ्लैट में ठहरे भी थे, जिससे वाड्रा ने इंकार किया है। 4 जून को वाड्रा से पूछताछ भी की गई थी।
अलगाववादी समूह की संस्थापक आसिया भारत से कश्मीर के अलगाव के लिए काम कर रही हैं। आसिया को राष्ट्र के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के मामले में पिछले वर्ष जुलाई में गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
कमलनाथ के रिश्तेदारों की खातिरदारी के लिए सीधा मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्र आया था, ऐसा अधिकारियों ने दावा किया है। भतीजे के लिए उज्जैन यात्रा में सरकारी अधिकारी, पुलिस दल, एम्बुलेंस सहित कई ऐसी सरकारी सुविधाएँ दी गईं, जो किसी बड़े अधिकारी या कैबिनेट रैंक वाले को...
"अगर मेरे को ख़त्म करना है, तो मुझे गोली मार दो।" हरियाणा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की इस बात के बाद बैठक में आज़ाद ने भी कहा कि पार्टी के भीतर कुछ बड़े होने वाले हैं, लेकिन उनकी बात को नज़रअंदाज़ करते हुए कॉन्ग्रेस नेता पूरी मीटिंग में आपस में लड़ते रहे।
स्क्रॉल का लेख उसी समय आ रहा है जब रथयात्रा पर घटिया सवाल उठाने को लेकर The Hindu पहले ही घिरा हुआ है। यह संयोग नहीं, साज़िश है। फार्मूला है हिन्दू धर्म को खात्मे की तरफ ढकेलने का.....
पैलेट गन कश्मीर की जनता के भले के लिए है। यह उनके भले के लिए भी है, जो अपनी ही रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को चोट पहुँचाते हैं, वरना इसकी जगह अगर अन्य हथियारों का प्रयोग किया जाए तो CRPF ने जो कोर्ट में कहा - लोगों के मरने की संभावनाएँ बढ़ जाएँगी - वो सत्य हो जाएगा।
24 सीटों को पाक अधिकृत कश्मीर के लिए खाली छोड़ा गया है और बाकी बची 87 सीटों पर ही चुनाव होता है। हर 10 साल बाद परिसीमन किए जाने की J&K की संवैधानिक व्यवस्था पर फारूक अब्दुल्ला सरकार ने रोक लगा दी थी। और अब उनके बेटे उमर इसका विरोध कर रहे हैं।
काले दिल वाले इन असुरों की दृष्टि श्री कृष्ण के रथ पर है। यह हिन्दुओं पर है कि वह असुरों को रथ का पहिया तोड़ देने देते हैं, या आसुरिक इरादों को ही रथयात्रा के नीचे कुचल देते हैं...
ऐसे समय में जब लोग अपनी ग़लती को सुधारने के लिए तैयार हैं और आगे की तरफ बढ़ रहे हैं, इस तरह की फ़िल्में जातिगत पहचान के पुराने ढकोसले को अपने गले से नीचे उतारने का एक बेशर्म प्रयास है, जिसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है।
सेना के साथ-साथ सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण का कार्य रक्षा मंत्री की प्राथमिकता होनी चाहिए। क्योंकि भाजपा को जो स्पष्ट जनादेश मिला है, वो राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे पर मिला है।