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राहत ब्रो, ‘काफ़िरों की शराब, शबाब और पैसा पसंद’ होना ठीक, लेकिन पैसों की स्मगलिंग ‘गल्त बात’ है

राहत फ़तेह अली ख़ान 3 सालों से फॉरेन करेंसी की स्मगलिंग के धंधे में लिप्त थे। 'काफ़िरों' के पैसों पर ही एक और पाकिस्तानी गायक की भी कहानी पढ़िए।

देश मोदी के नेतृत्व में बना रहा है नए आयाम; राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण की मुख्य बातें

राष्ट्रपति कोविंद ने कृषि, कालाधन, भ्रष्टाचार, जम्मू-कश्मीर, रोज़गार जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को गिनाया। राष्ट्रपति के अभिभाषण के मुख्य बिंदु...

हम थोड़े बेवफ़ा क्या हुए, आप तो बदचलन हो गए: राहुल गाँधी अमेठी सभासदों से

सभी के सभी 13 सभासद 'अल्पसंख्यक' समाज से आते हैं। कॉन्ग्रेस के लिए यह घाव तब भगंदर बन गया, जब ख़बर में यह भी है कि ना सिर्फ 13 सभासदों ने बल्कि अल्पसंख्यक समाज की कई महिलाएँ और पुरुषों ने भी 'कमल' को ही अपना लिया।

भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार का वार: अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 2 दलाल पकड़ाए, आज कोर्ट में पेशी

ईडी के अनुसार, सक्सेना, उसकी पत्नी और दुबई स्थित उसकी दो फर्मों ने धन शोधन किया है। सक्सेना और तलवार को पटियाला कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

टाइम्स नाउ-VMR सर्वे में NDA को 252, UPA को 147 सीट, त्रिशंकु लोकसभा

इसमें से भाजपा को कुल 215 सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है जो कि पिछले चुनावों के 282 सीटों के आँकड़े से 67 कम है।

यूनिवर्सल बेसिक इनकम: क्या हैं इसके मायने, क्या कहीं पर लागू हुआ है? जानिए सब कुछ

अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के वंचित परिवारों में यह देखा गया कि बेहतर वित्तीय स्थिति में उन्होंने राशन की दुकानों की बजाय बाज़ार से सामान ख़रीद अपने पोषण स्तर में सुधार किया और स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और प्रदर्शन दोनों बेहतर हुई।

राहुल गाँधी भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक अस्थिरता के शिकार: विकीलीक्स की बात आज भी प्रासंगिक

हाल ही की बात है जब उन्होंने मनोहर पर्रीकर के घर अचानक पहुँच कर उनका हाल-चाल पूछा और मीडिया में आकर उन्हें राफ़ेल की चर्चा में खींच लिया।

बीमार पर्रीकर को निशाना बनाकर राजनैतिक हित साधना छिछोरापन है, राजनीति नहीं

पर्रीकर ने राहुल गाँधी के ताजा बयानों की निंदा करते हुए उन्हें अपनी अवसरवादी राजनीति के लिए किसी बीमार व्यक्ति के नाम का सहारा न लेने की सलाह दी।

हृदय से सेक्युलर और गाँधीवादी थे नाथूराम गोडसे

गाँधी जी की हत्या करने के आरोप में गोडसे पर मुकदमा चला था। उस मुकदमे की कार्यवाही में गोडसे ने अपनी बात पाँच घंटे लंबे वक्तव्य के रूप में रखी थी। यह वक्तव्य 90 पृष्ठों का था जो 1977 के बाद प्रकाशित हुआ।

कितने करप्ट हैं हम: 5 वर्षों में 16 स्थान ऊपर चढ़ा भारत, कम हुआ भ्रष्टाचार

जहाँ उस समय अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार की बात करती थी, अब भारत को पॉजिटिव नजरों से देखते हुए ऐसे देशों की सूची में रखती है, जिनका प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है।

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