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बजट 2019 में तो ‘मोदी-मोदी’ हो गया, लेकिन फ़्यूचर का विज़न क्या है सरकार का?

वित्‍त मंत्री ने कहा कि भारत अगले पाँच वर्षों में पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था होने की ओर अग्रसर है और इसके पश्‍चात यह 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होगी।

10 तस्वीरों में बजट 2019 का सार

अपने भाषण में पीयूष गोयल ने किसानों से लेकर महिलाओं, ग्रामीण लोगों, मज़दूरों, पेंशनधारकों, टैक्सदाताओं और समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की बात की।

बजट 2019 में मिली आँकड़ों के साथ महिला सशक्तिकरण को भी जगह

महिलाओं की सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व योजना में महिलाओं को 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव दी जा रही है।

‘गौमाता के सम्मान से कभी पीछे नहीं हटेगी सरकार’- अमित शाह ने किया सरकार का अभिनंदन

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग गायों के लिए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने और कल्याणकारी योजनाओं के कार्य को भी देखेगा।

₹5 से ₹6.5 लाख तक कमाने वालों पर कोई टैक्स नहीं; बजट 2019 में मिडिल क्लास को बड़ी राहतें

उन्होंने कहा कि ये अंतरिम बजट है, तो अभी वो सिर्फ़ प्रस्ताव ही रख सकते हैं। उन्होंने मिडिल क्लास और टैक्स देने वाले लोगों को बहुत बड़ी राहत देते हुए कई बातें कही।

बजट 2019: श्रमिकों के लिए ₹6 लाख का बीमा, ग्रेच्युटी अब ₹20 लाख – कम आमदनी वालों को गारंटीड पेंशन

PM श्रमयोगी मानधन योजना की घोषणा: 15,000 रुपए तक कमाने वाले 10 करोड़ श्रमिकों को मिलेगा योजना का लाभ

बजट 2019ः पहली बार रक्षा बजट बढ़कर हुआ ₹3 लाख करोड़

गोयल ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने सैनिकों के सम्मान का ख्याल रखते हुए 40 वर्षों से लटकी वन रैंक वन पेंशन की मांग को स्वीकार किया।

बजट 2019: ‘पहला हक़ मुस्लिम का’ से ‘पहला हक़ ग़रीबों का’, 10 मुख्य बिंदु गाँव-ग़रीबों पर

उनका यह बयान पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के बयान के परिपेक्ष्य में था जिन्होंने अपने कार्यकाल में देश की संपत्ति पर पहला हक़ मुस्लिमों का बताया था।

बजट 2019 में स्वास्थ्य क्षेत्र: 22वाँ AIIMS हरियाणा में; 5 मुख्य बिंदु

"आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी हेल्थकेयर योजना। 14 एम्स पहली ही शुरू किए जा चुके हैं, 21 नए एम्स विकसित किए जा रहे हैं। ग़रीबों के 3000 करोड़ रूपए बचे।"

बजट 2019: गोयल ने कहा- बड़े कारोबारी भी अब लौटा रहे कर्ज़; आर्थिक भगोड़े बच नहीं सकते

"पहले सिर्फ छोटे बिजनेसमैन पर कर्ज़ चुकाने का दबाव रहता था। अब बड़े कारोबारियों को भी कर्ज़ लौटाने की चिंता रहती है। तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज़ रिकवर हो चुका है।"

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