पहली बार नहीं है जब हिंदू संत या धार्मिक संगठन किसी तरह के परोपकारी कार्य कर रहे हो, सालों से ऐसा हुआ, लेकिन वामपंथियों ने कभी उसका प्रचार नहीं होने दिया।
मस्जिद कमेटी का कहना है कि रमजान 1 मार्च से शुरू हो रहा है, इसलिए मस्जिद को तैयार करना जरूरी है। वे हर साल सफेदी, सफाई, मरम्मत और लाइटिंग का काम करते हैं।
भारत के नजरिए से देखें तो ये खबर थोड़ी निराश करने वाली है। EB-5 में कम पैसा लगाकर भी ग्रीन कार्ड मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिन भारतीयों ने EB-5 के लिए पैसे जोड़े थे, उनके सपने टूट सकते हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके पार्टी के नेता एमके स्टालिन इस नीति के खिलाफ जोर-शोर से आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ये नीति तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की साजिश है।