सत्ता में रहते हुए गुलाम नबी आजाद ने भी तुष्टिकरण के उस एजेंडे को पूरी तरह लागू किया जिसकी कॉन्ग्रेस जनक रही है। उनकी 'उपलब्धियाँ' भी मुस्लिमों के राजनीतिक ठेकेदार जैसी ही हैं।
राजेश दुबे की बेटी पूजा ने कहा कि सिर्फ भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थक होने के अलावा उनके पापा का कोई दोष नहीं था जो अमजद ने उन्हें कुचल कर मार डाला।