Thursday, July 25, 2024
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विश्वकर्मा योजना को मोदी सरकार ने दी मंजूरी, लाल किले से PM ने किया था ऐलान: 100 शहरों में ई-बस ट्रायल, रेलवे के 7 प्रोजेक्ट पर भी मुहर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। ये परियोजनाएँ नई रेल लाइन बिछाने और लाइनों को अपग्रेडशन करने से संबंधित हैं। इस योजना की अनुमानित लागत 32,500 करोड़ रुपए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 16 अगस्त 2023 दिन बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में विश्वकर्मा योजना, रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं और ई-बस सेवा को मंजूरी दी गई। ई-बस का ट्रायल देश भर के 100 शहरों में किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा कि ई-बस सेवा पर 57,613 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे। इनमें से 20,000 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी। इस योजना के तहत देश भर में लगभग 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएँगी।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस योजना के तहत 3 लाख और उससे अधिक आबादी वाले शहरों को कवर किया जाएगा। इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। यह योजना 10 सालों तक बस संचालन का समर्थन करेगी।

विश्वकर्मा योजना

विश्वकर्मा योजना को लेकर वहीं केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कारीगरों के लिए विश्वकर्मा योजना की घोषणा की थी। कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपए की विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना से 30 लाख शिल्पकार परिवारों को लाभ होगा।

वैष्णव ने कहा कि इस योजना के तहत शिल्पकारों को 1 लाख रुपए तक का लोन 5 प्रतिशत के ब्याज पर दिया जाएगा। इसका पूरा नाम ‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’ या ‘पीएम विकास योजना’ (PM Vishwakarma Kaushal Samman Yojana – PM VIKAS) है। ‘विश्वकर्मा योजना’ को 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा पूजा के मौके पर लॉन्च किया जाएगा। इस दिन पीएम मोदी का जन्मदिन भी है। 

यह योजना में सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाएँ और कमजोर वर्ग को लाभ पहुँचाया जाएगा। इसका सीधा फायदा बढ़ई, सोनार, मूर्तिकार और कुम्हार आदि को मिलेगा। इसके जरिए सरकार शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाकर उन्हें घरेलू एवं वैश्विक बाजार के साथ जोड़ना चाहती है।

डिजिटल इंडिया

इसके साथ ही, कैबिनेट ने 14,903 करोड़ रुपए के खर्च के साथ डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को मंजूरी दी। डिजीलॉकर वर्तमान में केवल नागरिकों के लिए उपलब्ध है और फिलहाल इसके 40 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। जल्द ही एमएसएमई के लिए डिजीलॉकर का नया एक्सटेंशन लॉन्च किया जाएगा।

रेलवे को लेकर मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। ये परियोजनाएँ नई रेल लाइन बिछाने और लाइनों को अपग्रेडशन करने से संबंधित हैं। इस योजना की अनुमानित लागत 32,500 करोड़ रुपए है।

इसमें 4,195 करोड़ रुपए की लागत से देश के 508 रेलवे स्टेशनों का पुनर्रुद्धार भी शामिल है। इनमें से 608 करोड़ रुपए की लागत से हरियाणा के 16 स्टेशनों का विकास किया जाएगा। मंजूरी दी गई परियोजनाओं के जरिए भारत के वर्तमान रेलवे नेटवर्क में 2,339 किलोमीटर लाइन और जोड़ी जाएगी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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