जनजातीय समाज की लड़कियों को फाँस कर बांग्लादेशी घुसपैठिए उनसे शादी करते हैं। 'जमाई' बन जमीन-जायदाद कब्जाते हैं। फर्जी आईडी कार्ड्स बनवा लेते हैं। स्कूलों को मदरसों में बदला जा रहा है। प्रशासन और राजनीति में इनका रसूख है।
2011 से पहले बंगाल में ओबीसी की 108 जातियाँ थीं। लेकिन इसके बाद इसमें 71 जातियों को जोड़ दिया गया। इसमें से 66 जातियॉं मुस्लिमों की जोड़ी गई। वहीं, हिंदुओं की 5 जातियों को ही ओबीसी की लिस्ट में जगह मिल पाई।