इस्लामपरस्त, वामपंथी, लिबरल... पूरा गिरोह डर में है। 90 के दशक में जिस कहानी पर लीपापोती कर दी गई, वह गोदी मीडिया के जमाने में गाँव-गाँव तक पहुँच रही है।
'राजतरंगिणी' हो या 'नीलमत पुराण', अमरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना सदियों से होती आ रही है। 'बूटा मलिक ने इसे खोजा था' - ये नैरेटिव हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए बनाया गया।
कॉन्ग्रेस ने झूठे दावों के साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का वीडियो शेयर किया। 'दैनिक भास्कर' ने साफ़ कर दिया कि अमेठी में उसका कोई स्थायी पत्रकार नहीं है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा है, "ओवैसी को साक्षी पर बोलते नहीं सुना। दमोह पर लंबी तकरीर कर रहे हैं। साक्षी, श्रद्धा पर तकरीर नहीं की। उनकी ये पीड़ा है। उनकी यही मानसिकता जिहादी कहलाती है।"