अतीक अहमद का एक हत्यारा अरुण मौर्या असद अहमद के व्हॉट्सएप ग्रुप 'शेर-ए-अतीक' का हिस्सा था। इस ग्रुप के जरिए युवाओं को अतीक के लिए काम करने के लिए उकसाया जाता था।
टीएमसी की महुआ मोइत्रा दूसरों को उनके असली नाम से बुलाती हैं जबकि अगर कोई उनका पुराना नाम ' महुआ मोइत्रा लार्स ब्रोरसन' ले ले तो उन्हें दिक्कत हो जाती है।