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बढ़ता आरक्षण हो, समान नागरिक संहिता या… कुछ और: संविधान दिवस बनेगा विमर्शों का कारण, पिछले 7 सालों में PM मोदी ने दी है...

विमर्शों का कोई अंतिम या लिखित निष्कर्ष निकले यह आवश्यक नहीं पर विमर्श हो यह आवश्यक है क्योंकि वर्तमान काल भारतीय संवैधानिक लोकतंत्र की यात्रा के मूल्यांकन का काल है।

‘चाचा (लखवी) ने कहा था जब तक जिंदा रहना मारते रहना’: पढ़िए नार्को टेस्ट में कसाब से क्या हुए थे सवाल, क्या दिया था...

मोहम्मह आमिर अजमल कसाब के नार्को टेस्ट से खुलासा। गरीबी दूर करने का लालच देकर लोगों को आतंकी बनाया गया। आम लोगों को बनाना था निशाना।

टिकैत का ऐलान- दिल्ली की सीमा से नहीं हटेंगे, जारी रहेगा आंदोलन: टिकरी-सिंघु बॉर्डर पर बढ़ा ‘किसानों’ का जमावड़ा, पिज्जा पार्टी भी

नए कृषि कानूनों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई, लेकिन MSP समेत दूसरी कई माँगों के नाम पर किसान नेता बॉर्डर और महापंचायत बुलाकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।

‘क्या आप कह रहे हैं कि हिंदू समूहों ने (गोधरा) ट्रेन जलाने की साजिश रची… हद है’: जकिया जाफरी की याचिका पर कोर्ट में...

एसआईटी ने कहा है कि हिंदू समूहों द्वारा साबरमती एक्सप्रेस में एस-6 कोच को जलाने की योजना बनाने वाले दावे निराधार हैं।

‘परिवारवाद स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा, राजनीतिक लाभ के लिए सजा पाए लोगों का महिमामंडन किया जा रहा’: संविधान दिवस पर PM...

प्रधानमंत्री ने परिवारवाद को लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कॉन्ग्रेस को 'पार्टी फॉर द फैमिली, पार्टी बाय द फैमिली' बताया।

ईसाई बनने के बाद दलित से शादी, माँग रहा था अंतर जातीय विवाह प्रमाण-पत्र: हाई कोर्ट ने ठुकराई अर्जी, कहा- धर्म बदलने से जाति...

मद्रास उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा कि धर्मांतरण करने से व्यक्ति की जाति नहीं बदलती। इसके आधार पर अंतर जातीय प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा सकता।

‘…तो उनके घर एक कुत्ता भी नहीं जाता’: बलिदानी मेजर के परिवार का वामपंथी CM ने किया था अपमान, मुंबई हमलों की एक कहानी...

'उनके घर एक कुत्ता भी नहीं जाता' - ये शब्द थे एक CPI(M) मुख्यमंत्री के, बलिदानी मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के परिवार के लिए। पढ़िए कैसे एक बहादुर जवान ने देश के लिए खुद को बलिदान कर दिया।

निहत्थे थे फिर भी पकड़ लिया कसाब के एके-47 का बैरल, 23 गोली खाकर भी नहीं छोड़ी गर्दन: तुकाराम ओंबले के बलिदान ने बचाई...

तुकाराम ओंबले ने अजमल कसाब को पकड़वाने के लिए 23 गोलियाँ सीने पर खाईं थी। अगर उस दिन वो जिंदा नहीं पकड़ा जाता तो पाकिस्तान की जगह आज हिंदू बदनाम होते।

राहुल, बरखा, परमबीर… 26/11 के बाद दुनिया ने जानी इनकी करनी: कोई पार्टी में बिजी तो ​कोई आतंकियों से लड़ने को नहीं था तैयार

राहुल गाँधी, बरखा दत्त, परमबीर सिंह... 26/11 हमले की बरसी पर जानिए कहाँ थे ये, क्या कर रहे थे उस दौरान।

26/11 जब 3 दिनों तक पाकिस्तानी आतंकवादियों के हाथ में ‘बंधक’ थी मुंबई : इन 22 बलिदानियों को 13वीं बरसी पर राष्ट्र का नमन

26/11 आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए, 300+ घायल हुए थे। इन आतंकियों से लोहा लेते हुए मुंबई पुलिस, होमगॉर्ड, ATS, NSG कमांडों सहित कुल 22 सुरक्षाबलों ने भी अपना बलिदान दिया था।

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