इस फ़िल्म पर लवजिहाद को बढ़ावा देने, हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसे कई संगीन आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा करणी सेना द्वारा फिल्म के मेकर्स को एक लीगल नोटिस भी भेजा गया था।
कँगना को लेकरउद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा था कि हम घरों में तुलसी उगाते हैं, गाँजा नहीं! ठाकरे ने यह भी कहा था कि गाँजा उनके राज्य में उगता है ना कि महाराष्ट्र में।
यूपी-बिहार के युवाओं से लेकर महिलाओं तक का चित्रण ऐसा किया गया है, जैसे वो दोयम दर्जे के नागरिक हों। वेश्याएँ 'विधवाओं के गेटअप' में आती हैं और कपड़े उतार कर नाचती हैं।