"अगर तबलीगी लोगों को जान गए तो उन्हें भगवान की तरह पूजोगे। तबलीगियों ने अंग्रेजों को धूल चटाई थी और RSS के मुखबिरों ने अंग्रेजों के पैर की धूल चाटी थी। आरएसएस सिर्फ अंग्रेजों की गुलामी कर सकता है।"
CPIM के कट्टर नेता ने व्हाट्सएप ग्रुप मेम्बर को सिर्फ इस कारण ग्रुप से बाहर कर दिया क्योंकि उन्होंने दूरदर्शन पर प्रसरित हो रहे रामायण धारावाहिक की सफलता की खबर शेयर की थी।
“पूरा देश खतरे में है, सरकार ने लॉकडाउन घोषित कर रखा है, और तुम फतवे का इंतजार कर रहे हो? देश फतवे से चलेगा या लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार से चलेगा? यही तुम लोगों का असली चेहरा है, पूरी मानवता खतरे में है और तुम लोग फतवे के इंतजार में हो? शर्म आती है तुम जैसे जाहिलों पर।”
अब्दुल्ला, सलीम खान की छोटी बहन के बेटे थे। वे भले ही बॉलिवुड इंडस्ट्री से नहीं थे, लेकिन उन्हें कई बार सलमान के कुछ वीडियोज में देखा गया है। अब्दुल्लाह को भी सलमान की तरह हमेशा फिट रहने की हैबिट थी।
"मैं कौन होता हूँ चैरिटी या डोनेट करने वाला? दूसरी बात ये कि हम अपने देश को भारत माता कहते हैं। मेरा ये योगदान असल में मेरा नहीं है। ये मेरी माँ की तरफ से भारत माता के लिए है।"
जैसे ही रामायण का पहला एपिसोड शुरू हुआ, लोगों ने गूगल पर रामानंद सागर की रामायण सर्च करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से यह गूगल में टॉप सर्च में आ गया। दरअसल लोग यह जानने को काफी उत्सुक थे कि इसका प्रसारण कब शुरू होगा और वो इसे ऑनलाइन कैसे देख पाएँगे।
कुछ लोगों का मानना है कि सरकार ने इस फैसले से कोरोना के कारण छवि को होने वाले नुकसान की भरपाई का जरिया बनाते हुए यह भी साबित करने का प्रयास किया है कि रामानंद सागर द्वारा निर्मित इस धारावाहिक के पीछे आरएसएस के हिंदुत्ववादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार था।
“जनता की माँग पर हम कल (शनिवार, 28 मार्च) से डीडी नेशनल पर 'रामायण' का पुन: प्रसारण शुरू कर रहे हैं। एक एपिसोड सुबह 9 बजे से सुबह 10 बजे और दूसरा रात के 9 बजे से 10 बजे के बीच प्रसारित होगा।"
एक दौर में रामायण और महाभारत को लेकर लोगों में ऐसा क्रेज था कि इनमें लीड किरदार निभाने वाले एक्टर्स को देखकर लोग अगरबत्ती जलाने लगते थे, उन्हें प्रणाम करने लगते थे। जब इनका प्रसारण शुरू होता था तो लोग सारा काम-काज छोड़ टीवी के सामने बैठ जाते थे।