"मुस्लिमों को हमेशा काले रंगों में डार्क लाइटिंग के साथ दिखाया गया। जबकि हिंदुओं को रोशनी और रंगीन कपड़ो में। ये बेहद शर्मनाक और खतरनाक है। हम ऐसी फिल्मों के जरिए अपने बच्चों को जाहिल बना रहे हैं।"
मद्रास हाईकोर्ट ने रजनीकांत के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं से पूछा कि हाईकोर्ट आने से पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट क्यों नहीं गए? इससे पहले फ़िल्म अभिनेता रजनीकांत ने एक इंटरव्यू में पेरियार को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद से वह चर्चा में आ गए।
कंगना रनौत 'महिला-विरोधी' हैं, क्योंकि वो बलात्कारियों का समर्थन नहीं करतीं। वामपंथी गैंग नाराज़ है, क्योंकि वो चाहता है कि कंगना अँग्रेजों के तलवे चाटे और महाभारत को 'मिथक' बताएँ। न्यूज़लॉन्ड्री निर्भया की माँ को उपदेश देकर कह रहा है ये 'न्याय' नहीं बल्कि 'बदला' है।
स्वराज कौशल ने लताड़ लगाते हुए कहा कि जब नसीरुद्दीन प्रलाप करते हैं तो ये उनका विवेकपूर्ण विचार बन जाता है जबकि अनुपम खेर अपने ही देश में शरणार्थी बनाए जाने के बावजूद जब कश्मीरी पंडितों की बात करते हैं तो उन्हें मानसिक रूप से विक्षिप्त कहा जाता है!
"इस घटना में एक दोषी नाबालिग था, जो रेप करता है। जो रेप करने के काबिल है उसे किस हिसाब से नाबालिग बताया जा सकता है। ऐसे लोगों को चौराहे पर फाँसी दे देनी चाहिए। ऐसे दोषियों को पता होना चाहिए कि रेप क्या होता है और इसकी सजा क्या होती है।"
अनुपम खेर ने अपने जवाब में कहा कि हम सब जानते हैं आप वर्षों से जिन पदार्थों का सेवन करते हैं, उनकी वजह से क्या सही है और क्या ग़लत है, आपको इसका अंतर ही पता नहीं लगता। मेरी बुराई करके आप एक-दो दिन सुर्खियों में आ सकते हैं, तो मैं आपको ये खुशी भेंट करता हूँ। आप नहीं जानते मेरे ख़ून में क्या है?
नसीर ने कहा कि 'आज के भारत' में उन्हें हर पल मुस्लिम होने का अहसास कराया जा रहा है। इस इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि जो कभी स्कूल नहीं गया, वो शिक्षा को लेकर कैसे कुछ समझेगा? बकौल नसीर, वो डरे हुए नहीं हैं बल्कि क्रोधित हैं।
आईएमएफ ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ़ भारत ही नहीं बल्कि कई देशों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है, जिसका असर ग्लोबल इकॉनमी पर पड़ रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक विकास दर का धीमा होना एक साइक्लिक प्रक्रिया है।
राजदान ने सज़ा-ए-मौत का विरोध करते हुए लिखा कि फाँसी की सज़ा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अफजल गुरु को 'बलि का बकरा' बनाए जाने का आरोप लगाते हुए इस मामले में उच्च-स्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने आतंकी अफ़ज़ल के निर्दोष होने का अंदेशा जताया।
रजनीकांत द्वारा पेरियार पर की टिप्पणी के बाद द्रविड़ विधुथलाई कझगम (DVK) ने उनपर आरोप लगाया था कि रजनीकांत ने पेरियार के बारे में सरासर झूठ बोला। साथ ही अभिनेता से इस मामले में माफी माँगने की माँग की थी।