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‘इस्लाम शांति का धर्म नहीं है’: लेखक रॉबर्ट स्पेंसर की जिहाद के वैश्विक खतरे के बारे में ऑपइंडिया से बातचीत

कुरान कहता है कि आप केवल तभी शांति प्राप्त कर सकते हैं जब आप खुद को अल्लाह को सौंप देते हैं। समाज में सच्ची शांति केवल गैर-इस्लामी लोगों को इस्लाम मानने वालों को सौंपने से आती है।

मौत के 9 दिन बाद भी एक्टिव था सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान का मोबाइल फोन

दिशा सालियान की मौत 8 जून को हुई। लेकिन उनका फोन 17 जून तक एक्टिव था। 9 से 17 जून के बीच इससे इंटरनेट कॉल भी की गई थी।

दिल्ली दंगों पर किताब रुकवाने वाला विलियम डेलरिम्पल है औरंगजेब का मुरीद, #Metoo में भी उछला था नाम

विलियम डेलरिम्पल अभी दिल्ली दंगों पर किताब के प्रकाशन को रुकवाने के कारण चर्चा में है। हालॉंकि यह पहला मौका नहीं है जब उसने अपनी जहरीली मानसिकता दिखाई हो।

‘रिया चकवर्ती के 2 डैडी ने मिलकर रची सुशांत की हत्या की साजिश, वो डिप्रेशन में कभी नहीं था’

सुशांत के जिम पार्टनर सुनील शुक्ला ने दावा किया है कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या की साजिश रिया के 'दो डैडी' द्वारा की गई थी।

गणपति की वे मूर्तियाँ… बहरीन में बुर्का वाली ने जिन्हें तोड़ा, दिव्य ने उन्हें घर में स्थापित कर किया विसर्जित

पिछले दिनों बहरीन में गणेश मूर्तियों को तोड़ती एक बुर्का वाली महिला का वीडियो वायरल हुआ था। इन मूर्तियों को दिव्य पांडे ने अपने घर में स्थापित करने के बाद विसर्जित किया है।

ऑटोप्सी रिपोर्ट में सुशांत की मौत का समय नहीं, जाँच के लिए एम्स ने बनाई 5 फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम

ऑटोप्सी रिपोर्ट में सुशांत की मौत के समय का जिक्र नहीं। सीबीआई द्वारा सहयोग मॉंगे जाने के बाद एम्स ने 5 फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम का गठन किया है।

सुशांत के शव से रिया चकवर्ती ने की थी छेड़छाड़? गुपचुप मोर्चरी में घुसी, 45 मिनट तक कूपर हॉस्पिटल में रही

सुशांत की मौत के बाद से ही रिया आरोपों के घेरे में हैं। अब सवाल उठ रहा है कि उन्हें शवगृह में जाने की इजाजत कैसे दी गई।

‘एक ही कमरे में रहते थे सारा-सुशांत, फिर डंप कर दिया, इसके बाद वह एक गिद्ध के साथ फँस गया’

दावा किया जा रहा है कि सारा और सुशांत गहरे प्यार में थे। सोनचिड़िया के बाद उनका ब्रेकअप हो गया। कहा जा रहा कि सारा ने ऐसा मूवी माफिया के दबाव में किया।

SC ने CBI को सौंपी सुशांत मामले की जाँच, कहा- मुंबई पुलिस ने नहीं की उपयुक्त कार्रवाई, न हुई एक भी FIR दर्ज

कोर्ट ने कहा कि सभी बातों से ये मालूम होता है कि मुंबई पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत जो जाँच की, वह निश्चित कारण के लिए बहुत सीमित थी। इस केस को अपराध की धारा 157 के तहत नहीं जाँचा गया।

जब ट्रेन की सीट के नीचे छिप गए थे सिद्धू और सभी सिख खिलाड़ी… चेतन चौहान ने दंगाई भीड़ से बचाई थी जान

पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान की ऐसी कहानी, जब उन्होंने सिख दंगों के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू समेत सिख खिलाड़ियों को दंगाइयों से बचाया था।

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