THE के CKO ने बताया कि विभिन्न प्रयासों के कारण भारतीय संस्थानों की रैंकिंग में उछाल आया है और उच्च-शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है। उन्होंने 2017 में स्थापित 'इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एमिनेंस स्कीम' की भी तारीफ की, जिसके तहत भारत में शैक्षिक संस्थानों की रैंकिंग की जाती है।
इस कार्यक्रम का मकसद देश के व्यस्ततम 400 रेलवे स्टेशनों पर तेज गति से फ्री पब्लिक वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाना था। इस प्रोजेक्ट को 2020 के मध्य तक पूरा किया जाना था। जून 2018 में ही यह लक्ष्य पूरा हो गया था।
"अगर औरंगजेब की जगह वह शहंशाह होता, तो क्या अलग भारत होता? ये धारणाएँ मुगल इतिहास की मिसप्लेस्ड अंडरस्टैंडिंग की वजह से आ रही हैं। उन्हें एक अच्छा मुस्लिम बनाया गया है लेकिन उनकी कब्र की खोज क्यों हो रही है?”
इस महीने लद्दाख और मार्च में जम्मू-कश्मीर पहले 'खेलो इंडिया' शीतकालीन खेलों की मेजबानी करेगा। पहली प्रतियोगिता लद्दाख में फरवरी के तीसरे हफ्ते में जबकि दूसरी प्रतियोगिता जम्मू-कश्मीर में मार्च के पहले हफ्ते में होगी।
इस तस्वीर को देख इस्लामिक कट्टरपंथी शमी पर टूट पड़े। कहा कि इसके कारण भारत के मुस्लिम धीरे-धीरे हिंदू बन रहे हैं। कट्टरपंथियों ने उनको अपने नाम में से मोहम्मद हटाने की सलाह भी दी।
अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो रही है। बिक्री में वृद्धि के बाद कारखानों ने बहुत तेजी से नए वर्कर्स को काम पर रखा है। यह पिछले सात साल में वर्कर्स को काम पर रखने की सबसे तेज गति है।
"केवल पुरुष ही इस चर्च में प्रवेश कर सकते हैं, महिलाओं को इस चर्च में प्रवेश की अनुमति नहीं है। हम इस निर्णय का सम्मान करते हैं। इसके पीछे आंशिक रूप से इमारतों की रक्षा करना है, साथ ही इस स्थान को पवित्र बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाता है।"
सवाल मुस्लिमों की अल्पसंख्यक बने रहने में रूचि को लेकर है। किसी देश में अल्पसंख्यक होना, उस देश की कृपा और मेहरबानी पर आश्रित होने जैसा भाव देता है। बावजूद इसके भारत में अल्पसंख्यक होना एक अवसर माना जाता रहा है। तो क्या अवसरवादिता के लिए...
'केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार' वाले ऐतिहासिक केस ने संविधान की मर्यादा को पुनर्स्थापित किया। इसे भारतीय न्यायपालिका का सबसे 'लैंडमार्क फ़ैसला' कहा जाता है। एक ऐसा निर्णय, जिसने लोकतंत्र की मर्यादा और संविधान की अक्षुण्णता को बरक़रार रखा।