अनुपम खेर ने इस कविता में विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों के दर्द बयां किया। कैप्शन में उन्होंने बताया कि ये कविता एक विस्थापित कश्मीरी पंडित सुनयना काचरू की है।
हमलावर ने 11वीं मंजिल पर पहुँचने के बाद उसने डक्ट शाफ्ट का इस्तेमाल करके सैफ अली खान के फ्लैट में एंट्री की और बाद में बच्चों के कमरे से सटे बाथरूम में छिप गया।