इस तस्वीर में नजर आ रहा है कि अभिनंदन के पुतले को काँच के बॉक्स में रखा गया है। जिसमें उनका चेहरा झुका हुआ और पाकिस्तानी फौजी का सीना तना हुआ दिखाया जा रहा है। इसके अलावा अभिनंदन के पुतले के बगल में एक मग भी रखा हुआ है।
इस विशाल मंदिर को विशिष्ट बनाने के लिए स्टील का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। रामलला की मूर्ति भूतल पर ही रखी जाएगी। छत पर एक "शिखर" होगा, जो विशाल राम मंदिर की भव्यता को प्रदर्शित करेगा।
“अच्छा, हमारा वो सिद्धू किधर है? मैं कह रहा हूँ हमारा सिद्धू...आ गया वो?" जिस पर आसपास के लोग जोर-जोर से हँसने लगते हैं। इसके बाद वीडियो में 1:23 पर इमरान खान कहते हैं कि मनमोहन आ गया? तो उसी ग्रुप में शामिल एक महिला कहती है, “उसको रोकेंगे तो…."
श्रीराम के जन्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं की आस्था पर मुहर लगा दी। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें से एक कारण भगवान विष्णु भी हैं। वही विष्णु, जिन्होंने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर सरयू तट को पवित्र किया। जब वो ख़ुद बोलें तो भला कौन न माने?
मोनिका ने दावा किया है कि उनके पति तहसीन पूनावाला को शो में काफ़ी प्यार और समर्थन मिला। वह काफी पॉपुलर थे। लेकिन अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों की वजह से तहसीन अब लौट आए हैं।
भगवान राम को घर- घर पहुॅंचाने में तुलसीदास कृत रामचरितमानस की भूमिका अतुलनीय है। अयोध्या में रामलला को उनकी जमीन कानूनी तौर पर वापस दिलाने में ऐसी ही भूमिका भारतीय वकालत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पराशरण ने निभाई है।
फैसले का आधार बनी एएसआई रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित ढॉंचे के नीचे नक्काशीदार ईंटें, देवताओं की युगल खंडित मूर्तियाँ, नक्काशीदार वास्तुशिल्प, पत्तों के गुच्छे, अमालका, कपोतपाली, कमल की आकृति जैसी चीजें मिली हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फ़ैसला सुनाया दिया है। अयोध्या की पूरी विवादित ज़मीन रामलला की है। मंदिर वहीं बनेगा। मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।
रिटायर होने से पहले जस्टिस गोगोई कई और अहम मामलों में फैसला सुना सकते हैं। इनमें सबरीमाला रिव्यू पिटिशन, राफेल रिव्यू पिटिशन, राहुल गाँधी पर अवमानना का मुकदमा, फाइनेंस एक्ट 2017 की वैधता जैसे मामले शामिल हैं।
असंतुष्ट पक्ष के पास दूसरा विकल्प क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का होगा। इसे उपचार याचिका भी कहा जाता है। पुनर्विचार याचिका ख़ारिज होने के 30 दिनों के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर की जा सकती है।