"बीते चार महीने में 25 से 30 हिंदू लड़कियों का अपहरण हुआ और वे कभी वापस नहीं लौटीं। ये अत्याचार कब तक जारी रहने वाले हैं? हिंदू लोग कब तक लाशें उठाते रहेंगे? कब तक मंदिर जलाए जाते रहेंगे?"
इन अकॉउंट्स से पोस्ट होने वाले ट्वीट में अधिकतर मानवाधिकारों का हनन करने वाली वीडियो और नागरिकों एवं सेना में होने वाला संघर्ष दिखाया जाता था। इनमें ज्यादातर ट्वीट अनुच्छेद 370 और कश्मीर से संबंधित थे।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज ने तीनों गायकों को अमेरिका में आयोजित होने वाले शो में न जाने की नसीहत दी है। क्योंकि उनका कहना है कि 17 नवंबर को होने वाला ये इवेंट मिस PAK-USA की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
नमृता के भाई विशाल जो कि खुद मेडिकल कंसलटेंट हैं का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। विशाल ने कहा, मैंने नमृता की गर्दन पर तार के निशान देखे हैं। ऐसे ही निशान उसके हाथ पर थे। लेकिन उसकी दोस्त का कहना है कि नमृता के गले में दुपट्टा बॅंधा था।
बीते साल इसी तरह पेरिस में अज्ञात हमलावरों ने आम लोगों को निशाना बनाया था। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी। 2017 में मिलान के ही रेलवे स्टेशन पर सेना और रेलवे पुलिस के अधिकारियों पर भी हमले हुए थे।
NGO ने शुरू में दावा किया था कि संबंधित क्षेत्र संरक्षित आर्द्रभूमि है और फिर उसने बताया कि यह प्राकृतिक जलाशय है। आख़िरकार उसने पीठ से कहा कि वह वर्षा जल से बना तालाब है। हालाँकि, सरकारी दस्तावेज़ो से साबित होता है कि वह इनमें से कुछ भी नहीं है।
अपने बयान में बलूच नेता ने बताया कि पाकिस्तानी फौज के सिपाहियों ने एक महीने के अंतराल में मरदान की एक महिला और ग्वादर की एक महिला के साथ दुष्कर्म किया है।
अफ़ग़ानिस्तान में 28 सितम्बर को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और अधिकतर रैलियों में अशरफ गनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही जनसभाओं को सम्बोधित किया है। लेकिन, इस बार उन्होंने ख़ुद रैली स्थल पर मौजूद थे।
इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया था। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।