खारिज की गई इन याचिकाओं में से 5 में अग्निपथ योजना को चुनौती दी गई थी। वहीं 18 याचिकाओं में पिछली भर्ती योजना के अनुसार नियुक्ति करने की माँग की गई थी।
फतेहगढ़ जिले में 'पूजा' नाम से बीड़ी बना कर बेची जा रही थी जिसके रैपर के ऊपर भगवान कृष्ण की फोटो थी। ये बीड़ी बनाने वाली कंपनी के मालिक का नाम दिलशाद है।
वैज्ञानिक से वकील और तथाकथित कार्यकर्ता से राजनेता बने मुकुल सिन्हा और उनकी पत्नी ने अपना पूरा राजनीतिक करियर गुजरात दंगों में मारे गए लोगों की लाशों पर बनाया है।