सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है, विदेशी आक्रांताओं की इमारतों को वैधता देता है।
देश के कई शहरों में RSS के कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ स्थित संघ कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी भी मिली है।