दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।
सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?
पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।