क्राइम ब्रांच फिलहाल मरकज में जाँच- पड़ताल शुरु कर चुकी है। मरकज के अंदर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला। साथ ही मरकज से जुड़े लोग भी सहयोग नहीं कर रहे। इससे पहले पुलिस ने मरकज प्रशासन से जानकारी माँगी थी कि 13 मार्च के बाद मरकज में जो लोग आए थे, उनका उपस्थिति रजिस्टर दिया जाए।
घटना रविवार रात करीब पौने 10 बजे फरीदकोट के कोट कपूरा में हरिनौ रोड पर घटी। यहाँ करीब 9:50 पर पुलिस ने दो युवकों को नशे की हालत में धुत सामने से आते देखा और इनकी दुपहिया रुकवाई। तभी दोनों युवक अपनी नौकरी की धौंस दिखाने लगे और मारपीट करके फायरिंग कर दी।
कई राज्यों में पुलिस के दबिश देने के बाद बड़ी संख्या में जमाती सामने आए, जो मुसलमानों के प्रभाव वाले विभिन्न इलाक़ों में मस्जिदों वगैरह में छिपे हुए थे। आज ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि राज्य से लापता तबलीगी जमात के 58 सदस्यों में से 40 का पता लगा लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि वह जब से वार्ड में भर्ती हुआ है, तब से वह मेडिकल स्टाफ के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। अस्पताल के अधिकारियों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है और अस्पताल की शिकायत के आधार पर मरीज के खिलाफ आईपीसी की धारा 269, धारा 270 और धारा 271 के तहत केस दर्ज किया गया है।
थानाधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि मामले के बाद नगर निगम की टीम को बुलाकर पूरे क्षेत्र को सैनेटाइज कराया गया है। साथ ही CCTV तस्वीरों के आधार पर इन महिलाओं की तलाश की जा रही है।
जैसे ही मौलानाओं को क्वारंटाइन करने की सूचना फैली, सैकड़ों की भीड़ सड़क पर उतर आई। पुलिस और मौलाना को एक साथ देखकर लोगों ने हो-हल्ला करना शुरू कर दिया। शोर-गुल सुनकर आस-पास से तकरीबन 200 से अधिक लोगों की भीड़ वहाँ सिर्फ 5 मिनट में जुट गई।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) ने कई मोबाइल टावरों की मदद से 14 मार्च से लेकर 22 मार्च तक का एक बड़ा डेटा निकाला। इसके बाद आधिकारिक रजिस्टरों के माध्यम से, आईबी ने भारत के विभिन्न राज्यों से तबलीगी जमात में आए लगभग 4,000 सदस्यों के मोबाइल नंबरों और घरों/निवास स्थानों का पता लगाया, जो 13 मार्च से मरकज की बैठक में शामिल हुए थे।
कहने की जरूरत नहीं कि यह कितनी जटिल सर्जरी थी। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि जोड़ा गया हाथ पूरा सहयोग कर रहा है और जल्दी ही कुछ दिनों में पहले की तरह काम करने लगेगा।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक मौलवी को क्वारंटाइन करने गई पुलिस के विरोध में तबलीगी समाज से जुड़े हुए देवबंदी विचारधारा के सैकड़ों लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। अल्लाह हो अकबर चिल्लाते हुए ये लोग...