पुलिस ने जब हिंसा प्रभावित इलाकों की ड्रोन कैमरों के जरिए जाँच की तो दिल्ली के शिव विहार इलाके में दिल्ली पुलिस को कई घरों की छतों पर इक्कट्ठे किए हुए पत्थर देखने को मिले। पुलिस अब इन घरों को चिन्हित कर कार्रवाई की बात कह रही है।
मृत आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की माँ ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे को मुस्लिम भीड़ घसीट कर ले गई। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि AAP के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडों ने शर्मा को मार डाला। हुसैन के 5 मंजिला इमारत से लगातार पेट्रोल बम फेंके जा रहे हैं, उनके सैकड़ों लोग जमा हैं।
युवती ने बताया कि यह घटना जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर के पास की ही है। ऑपइंडिया को भेजे हुए संदेश में युवती ने बताया है कि मुस्लिम बस्ती में दिन में ही स्पीकर्स से ऐलान किया गया था कि दिन में बारह बजे के बाद दंगे होंगे।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में 12 से अधिक लोगों की पहचान कर ली है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा में दो गैंग इरफ़ान छेनू और नासिर गैंग के शामिल होने की बात भी की है।
राजस्थान के सीकर निवासी मृतक हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल वर्ष 1998 में कॉन्स्टेबल के पद पर दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। सोमवार को दिल्ली के गोकुलपुरी में हुई सीएए के नाम पर हुई हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल बुरी तरह जख्मी हो गए थे। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
रिजवी ने सीएए के ख़िलाफ विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो इस्लामिक दाढ़ी और बगैर मूँछ के डरावने चेहरे हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को तार-तार कर देंगे। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा था कि शाहीन बाग जैसे हजारों धरने हो जाएँ, पर CAA पर समझौता नहीं होना चाहिए।
एनएसए डोभाल ने दिल्ली के कई क्षेत्रों में घूम कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए। डोभाल ने जनता को आश्वासन दिया है कि दिल्ली में ज़मीन पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद हैं और किसी को भी अब डरने की ज़रूरत नहीं है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, "राणा झूठी अफवाहों को पोस्ट करने और भारत और भारत सरकार को बदनाम करने के लिए नियमित रुप से काम करती रही हैं, देश में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने में सफल होने से पहले उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरुरी है।"
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के विडियो के आधार पर जानबूझ कर एकतरफा हंगामा किया जा रहा। उन्होंने हाईकोर्ट से पुलिस को बदनाम करने की कोशिशों पर लगाम लगाने की अपील की।