लेनदेन के विवाद को मुर्शीद ने एनआरसी और सीएए से जोड़ दिया। इसके बाद कट्टरपंथी हिंसा पर उतर आए। मस्जिद से भी पथराव किए जाने की बात स्थानीय लोगों ने कही है।
सरस्वती मूर्ति विसर्जित करने जा रहे लोगों से मुस्लिम युवकों ने डीजे को बंद करने को कहा। डीजे बंद नहीं करने पर फायरिंग की। जब जुलूस में शामिल लोग भागने लगे तो उन पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया।
बीते दिनों जम्मू-श्रीनगर हाईवे से ट्रक में सवार होकर आए चार आतंकियों ने टोल पर तैनात सीआरपीआफ के जवानों पर हमला कर दिया था। इस जवाबी कार्रवाई में सेना के जवानों ने तीनों आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया था।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सड़क को दोनों ओर दो स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई है। इसके साथ ही धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है।
इस नेक काम के लिए उन्होंने बैंक में एक खाता भी खुलवा लिया है। जिसमें वे हमेशा पैसे डालेंगे ताकि गौरी (बच्ची) की शिक्षा और परवरिश में कोई दिक्कत ना आए। उनके अनुसार उन्होंने गौरी को गोद लेने के लिए देश-विदेश से कई लोगों ने संपर्क किया है।
वहाँ भारत का ऐसा नक्शा लगाया गया है, जहाँ उत्तर-पूर्व भारत को देश से अलग दिखाया गया है। ऐसा दिखाया गया है कि उत्तर पूर्वी भारत को शेष भारत से अलग काट दिया गया है। इससे साफ़ मालूम होता है कि शाहीन बाग़ प्रदर्शन के पीछे देशविरोधी मानसिकता काम कर रही है।
शाहीन बाग़ के एक प्रदर्शनकारी ने मृत बच्ची के सम्बन्ध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा- "वो अल्लाह की बच्ची थी, अल्लाह ने उसे बुला लिया।" कितनी आसानी से एक इंसानी ग़लती को उपरवाले के सिर मढ़ दिया गया और कोई मीडिया आउटरेज भी नहीं। उस बच्ची ने क्या अपनी सहमति दी थी कि मुझे सीएए-NRC के विरोध में प्रदर्शन करने ले चलो?
गोथुआ में 27 जनवरी को बच्चों के बीच हुए झगड़े ने तूल पकड़ा था और दो पक्षों में इसे लेकर मारपीट भी हुई। इसके बाद एक पक्ष ने गाँव के ही कई लोगों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और अन्य अनर्गल आरोप लगाकर उनके खिलाफ थाने में तहरीर दे दी।