"मुझे नौकरी से निकाल दिए जाने की खबर उन लोगों तक पहुँच गई, जो ऐसा चाहते थे। फिर वो लोग सोशल मीडिया पर जश्न मनाने लगे। मुझे रिजाइन करवा कर वास्तव में उस अस्पताल ने बहुत कुछ खोया है, जो पहले से ही कम स्टाफ की समस्या से गुजर रहा है।"
ग्रामसभा में 9 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई। दो गायब हो गए। शेष 7 को बंधक बनाकर पीटा। फिर जंगल में ले जाकर हाथ-पैर बॉंध कर सिर कलम कर दिया। सभी शव बरामद करने में पुलिस को 21 घंटे लग गए।
अब्दुल शमीम और तौफिक की प्लानिंग सब-इंस्पेक्टर विल्सन की हत्या तक सीमित नहीं थी। इन दोनों ने 26 जनवरी को आत्मघाती हमले की योजना भी बना रखी थी। तमिलनाडु सरकार ने इनके व्यापक इस्लामी मॉड्यूल को देखते हुए केस की जाँच NIA से कराने की सिफारिश की है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में 20 साल की चुमकी खातून पर गाँव वालों ने हमला कर दिया। उनके घर में आग लगा दी। वहीं राजस्थान में नज़ीरान बानो पर मुस्लिम भीड़ ने उस समय हमला किया, जब वह नेशनल इकनॉमिक सेंशस 2019-2020 के लिए डेटा इकट्ठा कर रही थीं।
पादरी को गिरफ़्तार किए जाने के बाद पुलिस को विदेश से कई फोन कॉल आए, जिनमें उसे छोड़ने को कहा गया। ये दिखाता है कि भारत में ईसाई पादरियों व चर्चों के नेक्सस की कितनी बड़ी पहुँच है। पादरी ने आधी रात के समय महिलाओं को अकेले देख कर छेड़खानी की।
"इस घटना में एक दोषी नाबालिग था, जो रेप करता है। जो रेप करने के काबिल है उसे किस हिसाब से नाबालिग बताया जा सकता है। ऐसे लोगों को चौराहे पर फाँसी दे देनी चाहिए। ऐसे दोषियों को पता होना चाहिए कि रेप क्या होता है और इसकी सजा क्या होती है।"
घटना के तुरंत बाद एसीपी और डीसीपी ने घटनास्थल का दौरा किया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने क्षेत्र का जायजा लिया, जिसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में तलाशी ली। वहीं विधायक के बेटे मोहम्मद नलपड ने आरोप लगाया कि उनके पिता की कुर्सी के नीचे कोई संदिग्ध वस्तु रख दी गई थी।
पीड़िता बीते साल ईद के त्यौहार पर ससुराल गई, तो पति ने उसे वहीं छोड़ दिया। उस वक्त ससुर पीड़िता को अकेला देखकर कभी देर रात रूम पर आ जाते, तो कभी बाथरूम में कपड़े धोते वक्त पीछे खड़े रहते। इतना ही नहीं ससुर मुझे अपना जूठा खाना खाने को कहते औऱ बोलते थे कि मेरा जूठा खाओगी तो मुझसे मुहब्बत हो जाएगी।
'आप पढ़ी-लिखी नहीं हैं', 'आप भाजपा की एजेंट हैं', 'आप जैसी लड़कियाँ और 'सारे दलाल हैं'- ये वो शब्द हैं जो 67 साल के वरिष्ठ शायर ने न्यूज़ एंकर हिमानी के लिए प्रयोग किया। उनका मानना है कि राम मंदिर के पक्ष में फ़ैसला आने के बाद मुस्लिमों ने चुप रह कर एहसान किया।
अनुपम खेर ने अपने जवाब में कहा कि हम सब जानते हैं आप वर्षों से जिन पदार्थों का सेवन करते हैं, उनकी वजह से क्या सही है और क्या ग़लत है, आपको इसका अंतर ही पता नहीं लगता। मेरी बुराई करके आप एक-दो दिन सुर्खियों में आ सकते हैं, तो मैं आपको ये खुशी भेंट करता हूँ। आप नहीं जानते मेरे ख़ून में क्या है?