उसे जब पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया तो वह रोने लगी। अपनी तीन बेटियों का हवाला देकर ख़ुद के निर्दोष बताने लगी। पुलिस ने उसे छोड़ दिया और वह सीधे सलेम के पास गई। जब पुलिस को अपनी भूल का एहसास हुआ तब तक...
महंत नृत्य गोपाल दास रामजन्भूमि न्यास के भी अध्यक्ष हैं। परमहंस रामचंद्र दास के निधन के बाद वे न्यास के अध्यक्ष चुने गए थे। परमहंस रामचंद्र दास ने करीब 70 साल तक रामलला की लड़ाई थी।
फराह खान ने बताया कि उन्होंने ये सुनिश्चित किया था कि 'मैं हूँ ना' का मुख्य विलेन मुस्लिम न हो। सहायक विलेन का सरनेम ख़ान होता है, जिसे अंत में पता चलता है कि उसे बहकाया जा रहा था। फिर वो देश के प्रति अपने प्यार को प्रदर्शित करते हुए आतंकवाद को अलविदा कह देता है।
एक विडियो सामने आया है इसमें तीस्ता सीतलवाड़ नजर आ रही है। तीस्ता 2002 के दंगा पीड़ितों की मदद के नाम पर पैसे इकट्ठा कर उसका इस्तेमाल खुद की सुविधाओं और खर्चे पर करने की आरोपित है।
दिल्ली पुलिस ने चार आतंकियों को दिल्ली पर हमले की योजना बनाने और गोलपारा रास महोत्सव में विस्फोट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इन चारों ने धोखाधड़ी कर एनआरसी में अपना नाम जुड़वा लिया है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने बताया कि मामला चलाने के लिए अभी तक राज्य सरकार ने मॅंजूरी नहीं दी है। इसके बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को राज्य सरकार को रिमाइंडर भेजने के निर्देश दिए।
जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।
CAA के नाम पर दिल्ली जामिया नगर इलाके में पिछले वर्ष 15 दिसंबर को हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने जाँच के बाद और शरजील इमाम के कबूलनामे के बाद कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। इस चार्जशीट में 100 गवाहों के बयानों और CCTV फुटेजों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...
"जब राम मंदिर बनेगा तो वहाँ उनके इष्ट देव शिव भी होंगे और सबको पता है कि शिव के निवास का एक स्थान श्मशान भी है, इसलिए मुस्लिम पक्ष को इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए।"