"जब राम मंदिर बनेगा तो वहाँ उनके इष्ट देव शिव भी होंगे और सबको पता है कि शिव के निवास का एक स्थान श्मशान भी है, इसलिए मुस्लिम पक्ष को इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए।"
भारत में मस्जिदों पर ताले लगे होते हैं, मुस्लिमों को नमाज पढ़ने नहीं दिया जाता है। - ये बातें अजमल कसाब का ब्रेनवॉश करने के लिए उससे कही गई थीं। 26/11 हमले से पहले उसे 1.25 लाख पाकिस्तानी रुपए भी दिए गए, जो उसने अपनी बहन की शादी के लिए...
सद्गुरु ने कहा कि मॉं के दूध की प्रकृति शिशु के लिंग के हिसाब से बदलती है। वैज्ञानिक अध्ययनों से भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। लेकिन, पहले ऑल्टन्यूज़ की संस्थापक और फिर महिला कॉन्ग्रेस तथा अन्य वामपंथियों ने उनके इस बयान का मजाक उड़ाया।
संघ की छात्र ईकाई की तरफ से इसकी जानकारी शिवसेना के प्रभुत्व वाली बीएमसी को कई दिन पहले दी गई थी। बावजूद इसके न तो बीएमसी ने पूरी तरह सहयोग किया और न ही साफ-सफाई के लिए आवश्यक साजोसामान पूरी तरह मुहैया कराए।
"सराय मुर्तजा कॉलोनी में कुछ बदमाश लड़कियों को परेशान कर रहे थे और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कह रहे थे। लड़कियों ने हमें बताया कि जब उनके परिवारों को बिना बुर्का के कॉलेज भेजने में कोई समस्या नहीं थी, तो ये लोग इस मामले पर कैसे सवाल उठा सकते हैं?"
"तलाक के अधिक मामले शिक्षित और सम्पन्न परिवारों से सामने आ रहे हैं, क्योंकि शिक्षा और संपन्नता अहंकार पैदा करती है, जिससे परिवार टूट रहे हैं।" - इस लाइन को मीडिया ने भुनाया, सोनम कपूर ने भी प्रोपेगेंडा फैलाया। लेकिन हकीकत में किसी ने भी RSS चीफ के पूरे विडियो को देखने की कोशिश नहीं की।
सुरजीत मयूर विहार से निगम पार्षद भी रहे थे। 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। इस बार पटपड़गंज से दिल्ली के डिप्टी सीएम सिसोदिया बड़ी मुश्किल से 3201 वोटों से जीत पाए थे।
अहमद पटेल के पार्टी के कोषाध्यक्ष होने के दौरान करीब 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम कॉन्ग्रेस के खातों में आई थी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस मामले में कॉन्ग्रेस के लेखा डिवीजन के अधिकारियों के दफ्तर में भी छापेमारी की।
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।
इन 2 शिक्षकों के खिलाफ कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया ने प्रदर्शन किया। इसी संगठन ने ऊँ और माता सरस्वती की तस्वीर पर आपत्ति जताते हुए शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए स्कूल के अधिकारियों पर दबाव बनाया। कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का मूल संगठन इस्लामी कट्टरपंथी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) है।