मुजफ्फरनगर में सीएए विरोध के नाम पर हुई हिंसा के दौरान कई बच्चे पुलिस पर पत्थर फेंकते और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाते देखे गए थे। इस संबंध में अब तक 47 मामले दर्ज किए गए हैं। 250 से अधिक आरोपितों में से करीब 80 गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
"कैंपस के हॉस्टल में रहने वाले 65% से अधिक छात्रों ने अपने बकाया शुल्क का भुगतान कर दिया है। कुछ छात्र जो इस बीच अपने घर चले गए थे वे भी वापस कैंपस में लौट रहे हैं।”
डॉ. विजयाहरि ने कट्टरपंथियों के कुछ संदेशों का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इसमें उन्हें बदनाम करने की धमकी दी गई है। साथ ही उन्हें सांप्रदायिक करार देते हुए कहा गया है कि वे सहानुभूति की उम्मीद न रखें।
22 दिसंबर को रैली के दौरान बीजेपी और आरएसएस समर्थकों को निशाना बनाया गया। केरल में एसडीपीआई भाजपा नेता एके नजीर पर भी हमला कर चुका है। इस चरमपंथी संगठन ने नागरिकता कानून का समर्थन करने वालों को जिंदा नहीं बख्शने की धमकी दे रखी है।
उम्र कैद की सजा काट रहा जलीस बम बनाने में माहिर है। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था और उन्हें बम बनाना सिखाता था। वह देश भर के कई बम धमाकों में आरोपित है।
धनबाद के झरिया में महिलाओं से बदसलूकी। शवयात्रा में शामिल लोगों को भी पीटा। बीते दिनों धनबाद में सीएए विरोध के नाम पर भी पैदी की गई थी अराजकता। दबाव में 3000 दंगाइयों के साथ प्रशासन ने दिखाई थी नरमी।
रवीश कुमार ने कहा कि चीन को वैश्विक आम सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक आम सहमति है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है।
एएमयू इंतजामियाँ ने आंदोलनकारी छात्रों के दवाब में आकर सभी कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है, जिससे उन छात्रों को ज़ोरदार धक्का लगा है, जो विश्वविद्यालय में कक्षाएँ संचालित होते और अपनी परीक्षाएँ समय पर देना चाहते थे।
निर्भया मामले में फाँसी की सजा पाए चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद बुधवार शाम को पटियाला हाउस कोर्ट में डेथ-वारंट पर रोक लगाने की माँग करते हुए याचिका दायर की थी। जिसके बाद कोर्ट ने आज इसपर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया।
"यह विरोध जोखिम भरा हो सकता है और बच्चों को खतरों का भी सामना करना पड़ सकता है। निश्चित रूप से यह गंभीर रूप से चिंता का विषय है कि जो अपराध बच्चों ने किया ही नहीं उसके लिए उन्हें दंडित भी किया जा सकता है।"