चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में पीड़िता का पिता ही सबसे ज्यादा दोषी है। लड़की के माता-पिता ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार करने के लिए सहमति दी। इस मामले में कई लोग आरोपित हैं, कमिटी ने पुलिस से बड़े स्तर पर जाँच की अपील की है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अनुसार ईसाई लड़कियाँ 'लव जिहाद' का सबसे आसान शिकार बन रही हैं। केरल की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए एनआईए से जाँच की मॉंग की गई है। केरल बिशप कैथोलिक कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट के अनुसार 4000 ईसाई लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाया गया और जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया।
धवन ने कहा कि हिन्दू पक्ष सिर्फ़ यहाँ राम का जन्म होने की बात करते हैं, लेकिन उनकी अर्जी में कहीं भी उस क्षेत्र की बाउंड्री का जिक्र नहीं है। पूरी विवादित जमीन जन्मस्थान नहीं हो सकती। कुछ तो निश्चित स्थान होगा। पूरा क्षेत्र जन्मस्थान नहीं हो सकता।
शरीफ ने बताया कि 1987 में जट्ट बेगम से उसका पहला निक़ाह हुआ तो उसकी उम्र 14 साल थी। पहली बीवी से उसके तीन बेटे और पाँच बेटियाँ हैं। नब्बे के दशक में उसने दूसरा निक़ाह किया। उससे चार बेटियाँ और एक बेटा है। 2000 में तीसरा निक़ाह किया।
"घाटी में पिछले 20 सालों से कोई सिनेमा नहीं खुला हुआ है, इसलिए हम एक सिनेमा खोलने की भी सोच रहे हैं। हम उन स्कूलों, सिनेमाघरों और मंदिरों का सर्वेक्षण करवाएँगे जिन्हें बंद कर दिया गया है।"
जम्मू क्षेत्र के आई जी मुकेश सिंह ने बताया, “पिछले एक साल में किश्तवाड़ में 4 आतंकी घटनाएँ हुईं। किश्तवाड़ पुलिस की लगातार कोशिश, सीआरपीएफ, सेना और NIA टीम की मदद से हमने ये चारो केस सुलझा लिए हैं।”
साल 2003 में 3 नेताओं की हत्या की साजिश रची गई थी। साजिश के तहत भाजपा नेता हरेन पांड्या की हत्या कर दी गई जबकि वीएचपी के दो नेता जयदीप पटेल और जगदीश पटेल बच गए थे। इसके लिए वहाब ने धन मुहैया कराया था।
पुलिस ने बताया कि देर रात खुसा की ढाणी में भीड़ ने मुनफेद खान को घेरा और उसकी गाड़ी से 7 गोवंश बरामद किए। इस दौरान लोगों का गुस्सा उसपर फूट पड़ा और उन्होंने मुनफेद खान की जमकर पिटाई कर दी।
अगर छात्रा को अग्रिम ज़मानत नहीं मिलेगी तो ऐसी सूरत में उसकी गिरफ़्तारी होना लगभग तय है। वहीं, छात्रा के दोस्त संजय, विक्रम और सचिन को रंगदारी माँगने के जुर्म में गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
"यहाँ तब्लीगी जमात के बेहद "सख्त और रूढ़िवादी" भी बड़े आराम से रहते हैं। यहाँ सूफी परंपरा का केंद्र भी है, जहाँ लोग मकबरे की पूजा करते हैं और कव्वालियाँ गाते हैं। भारत में सहिष्णुता की भावना है।"