लड़कियों के मुताबिक, चलती गाड़ी में बदमाश युवकों ने उनसे मोबाइल और पर्स लूटने की कोशिश की थी। उन्होंने कार में काफी संघर्ष किया। शोर भी मचाया था, लेकिन इलाका सुनसान था। जिन लड़कियों का अपहरण हुआ है वह हिन्दी नहीं बोल पाती हैं।
स्कूल प्रिंसिपल ने परिसर में हुई घटनाओं का हवाला देकर बच्चों के निलंबन को सही ठहराने की कोशिश की है। उनका कहना है कि स्कूल परिसर में इसी प्रकार नारे लगाने को लेकर पूर्व में दूसरे स्कूल में विवाद हो चुका है। हम अपने स्कूल में कोई विवाद नहीं चाहते।
आरोपित जसीम ने पीड़िता को नशीला पेय पदार्थ पिलाकर उसके साथ तब तक बलात्कार किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई और उसके बाद उसने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें लीं। वह उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उस पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव डालने लगा।
दलित नाबालिग लड़की की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुँचे और नाजिक को पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई की। लेकिन आदिल के साथ एक और अज्ञात युवक मौक़े से भागने में क़ामयाब रहे।
हेलो... मेरा नाम सुरेश (अपना मुस्लिम नाम छुपाते हुए) है। मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ। पीड़िता के साथ एक ही बस में आने-जाने से बनी पहचान के कारण आसिफ से सुरेश बने रेप आरोपित ने एक दिन उसे किसी बहाने बुलाया, जहाँ एक गाड़ी में उसे जबरन बैठाया गया, नशे की गोलियाँ खिलाई गई और...
"अगर विवादित स्थल पर इतिहास में कोई मंदिर था तो वह कब गायब हो गया होगा, किसी को नहीं पता। यह ढाँचा 19वीं सदी तक भारत के किसी अन्य सामान्य मस्जिद की तरह ही था, विवाद के बाद यह चर्चित हो गया।"
यह सर्वेक्षण साक्षात्कार आधारित था और इसमें 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं से बात की गई थी। इसमें 29 राज्य, 5 केंद्र शासित प्रदेश और 465 जिले की लगभग सभी धर्म की महिलाओं को शामिल किया गया था।
मुस्लिम पक्षकार ने दावा किया कि जन्मस्थान अयोध्या में ही है लेकिन विवादित स्थल पर नहीं है, कहीं और है। इससे पहले मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि पूरे अयोध्या को ही जन्मस्थान माना जाता है और इसके बारे में कोई सटीक स्थान का जिक्र नहीं है।
शाहजहाँपुर स्थित स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम की एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार के गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में मीडिया के सामने छात्रा ने चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाया था।
कुछ लड़कियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मदरसा प्रशासन के ख़िलाफ़ शोषण की शिकायत की। अनवर कराक्कड़ ने बताया कि पूछताछ में 1 लड़की ने बताया कि मौलवी रफीक ने उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौलवी को गिरफ्तार कर लिया।