लाठी चार्ज में कई छात्रों को भी चोटें आई है। छात्र मतगणना में धांधली का विरोध कर रहे थे। राजस्थान में आदिवासी और दलित समाज के लोगों के साथ पुलिसिया बर्बरता के हाल में कई मामले सामने आए हैं।
नाम बताने से इनकार करने पर सीनियर छात्र गाली-गलौज पर उतर आए। भड़के हुए सीनियर छात्रों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और अभद्रता की। विजय के मुताबिक प्रॉक्टर कार्यालय की टीम उनके ख़िलाफ़ ही बातें कर रही थीं।
"हिन्दू राष्ट्रवादी मेरे पुराने विडियो क्लिप को निकाल हंगामा मचा रहे हैं। भारत में अभी फासिज्म का वातावरण तैयार हो रहा है। जो इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे बदनाम होने, ट्रोल किए जाने, जेल में भेजे जाने और पिटाई किए जाने का डर है।"
'कान्हा मटकी फोड़' में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे थे। इसी दौरान एक भीड़ ने वहॉं पहुॅंच पथराव किया। पुलिस को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस मामले में 31 लोग आरोपी हैं। इनमें से 19 ने 12 अगस्त को अदालत के सामने अपना जुर्म कबूल करने की इच्छा जताई थी। इन्होंने बुधवार को अपना कबूलनामा अदालत में दाखिल कर दिया। इन्हें शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
स्टर्लिंग ग्रुप के मालिक नितिन संदेसरा और चेतन संदेसरा ने पैसे विदेश ले जाने के लिए करीब 300 मुखौटा कंपनियॉं बनाई। पूछताछ से इस घोटाले में अहमद पटेल, उनके बेटे फैसल पटेल और दामाद इरफान सिद्दीकी की संलिप्तता सामने आई।
गोंजाल्विस के पास मिली एक सीडी के नाम में ही 'राज्य के दमन का विरोध' था। मार्क्सिस्ट आर्काइव्स, वार एंड पीस इन जंगलमहल, अंडरस्टैंडिंग माओइस्ट, आरसीपी रीव्यू वगैरह भी बरामद की गईं। अदालत ने गोंजाल्विस से पूछा की ये किताबें और सीडी उनके घर में क्या कर रही थीं?
रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि तीन गुंबद वाली इमारत मस्जिद नहीं थी। मस्जिद में जिस तरह की चीज़ें ज़रूरी होती हैं, वो उसमें नहीं थी। विवादित ढाँचा बनवाने वाला कौन था, इस पर संदेह है।
सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तों पर चल रहा 302 का हत्या का मुकदमा भी आईपीसी की धारा 304 खंड II (गैर-इरादतन हत्या) का कर दिया। उम्र कैद को बदल कर अब तक जेल में बिताए हुए समय के बराबर कर दिया।
सीलमपुर इलाके में ईडीएमसी ने फिर से इस घर को सील कर दिया है। इस बार घर के तीन मालों में हुए अवैध निर्माण को भी तोड़ दिया है। मकान मालिक की मानें तो उसने अपनी दिक्कत इलाके के विधायक हाजी इशराक को बताई और उन्होंने खुद आकर सीलिंग हटा दी।