बात शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की थी हालाँकि, जिन लोगों ने वहाँ भाषण दिया, उनमें से कई के भाषण उत्तेजक थे तो कई ने शांति बनाए रखने की अपील की। मौलवियों ने कहा कि अगर समुदाय वालों की तरह किसी और को निशाना बनाया गया होता तो वे अभी तक पलटवार कर चुके होते।
कॉन्ग्रेस ने सरकार बनने पर तीन तलाक विरोधी बिल समाप्त करने का वादा किया था। लिहाजा, सिंघवी का यह रुख चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा है कि इसी आधार पर यदि देश का हर मुसलमान फैसला करने लगे तो फिर क्या होगा!
निवासियों ने यह भी दावा किया कि इस्लामी भीड़ ने न केवल दुर्गा मंदिर की मूर्तियों को तोड़ा, बल्कि दुर्गा मंदिर में पेशाब भी किया। उन्होंने बताया कि गली के मुहाने पर कई सौ लोगों की भीड़ जमा थी और अगर वे शटर को नीचे नहीं खींचते तो इलाके के हिंदू जरूर मारे जाते।
"मेरे पास नौकरी नहीं है, शायद मिलेगी भी नहीं। कोई भी किसी लूजर को नौकरी नहीं देता। अपनी ग्रेड शीट देखकर हैरान हूँ। हर किसी की तरह मेरे भी सपने थे। लेकिन अब सब खत्म है। ये सारी पॉजिटिव बातें, हमेशा मुस्कुराना, लोगों से कहना कि मैं ठीक हूँ, जबकि मैं ठीक नहीं हूँ।"
जब नबी ने शोएब को गले लगाने की कोशिश की, तो शोएब ने नबी की बुरी साँसों के कारण उसे धक्का दे दिया। यह बात नबी के दिल पर लग गई। फिर क्या था, नबी ने शोएब को गाली देना शुरू कर दिया जिसके कारण दोनों के बीच झगड़ा होने लगा जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। टकराव बढ़ने पर नबी ने चाकू निकाला और सीधा शोएब के पेट में घोंप दिया।
गिरफ़्तार आरोपितों में से मोहम्मद ज़ुबैर और मोहम्मद अनस में से एक ऐसा है, जो पहले भी चोरी-चकारी के आरोप में गिरफ़्तार हो चुका है। मंदिर में अब पहले की भाँति पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
ये घटना उत्तरी कश्मीर के हंदवारा स्थित वागत गाँव की है। शिक्षक ने बच्चे की इतनी पिटाई की कि वह ज़मीन पर लेट गया। इसके बाद उसने कुल्हाड़ी हाथ में लेकर उसे मारने की धमकी दी और डराया भी। अभी तक इसके पीछे के कारणों का पता नहीं चला है।
इमाम का कहना है कि इस छोटे से वाकये पर सियासत नहीं करनी चाहिए। इमाम ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि कुछ लोग मंदिर के नाम पर अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस छोटे से वाकये पर सियासत नहीं करनी चाहिए।
पीड़िता ने जब इस्लाम कबूलने की बात नहीं मानी तो गुलशन शेख ने उस पर मुज्जफर लतीफ पटेल से शादी करने का दबाव डाला। उसकी तथा उसके पिता की हत्या करने की धमकी दी। आरोपितों के चंगुल से पीड़िता किसी तरह भागने में कामयाब रही और पुलिस के पास पहुँची।