जज ने अपने आदेश में कहा कि कुछ “आरोपित किसी पार्टी से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कानून और व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और न ही कानून में ऐसा कोई प्रावधान है।”
इस कहानी में केवल यही बात सत्य है कि मरियम रशीदा और एक अन्य मालदीवियन महिला फौजिया हसन तिरुवनंतपुरम के उक्त होटल में रुकी हुई थीं। असल में विजयन उनके पास नहीं गया था बल्कि मरियम रशीदा ही उसके सामने पहुँची थीं।
सीबीआई ने पूर्व डीजीपी आर. बी. श्रीकुमार और सिबी मैथ्यूज, पूर्व एसपी एस विजयन और के.के. जोशुआ और पूर्व खुफिया अधिकारी पी. एस. जयप्रकाश के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की है।
पूजा खेडकर की ज्वाइनिंग पर कई सवाल उठ रहे हैं। एक वीडियो सामने आई है जिसमें वो अपने पिता से अलग रहने की बात कर रही हैं जबकि उनके पिता ने ऐसा कुछ नहीं बताया।