प्रोफेसर को एएमयू की आंतरिक जाँच में क्लीनचिट मिलने के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि प्रथम दृष्टया प्रोफेसर के खिलाफ सबूत हैं।
नाबालिग बच्चे ने पहले शिखा काटी। फिर उसे पूजा की घंटी से नफरत हो गई। पता चला कि मिशनरी स्कूल की टीचर उसे ईसाई बनाने की कोशिश कर रही थी। देर रात गंदे मैसेज भेजती थी।