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‘जब हमारे भगवान नहीं मानते तो यहाँ क्यों आते हो?’: गुजरात के गरबा पंडाल में घुसे मुस्लिम युवक को दबोचा, उज्जैन में आधार कार्ड चेक करके प्रवेश

उज्जैन में एक गरबा आयोजक ने पोस्टर लगा कर गैर हिंदुओं से पंडाल में न आने की अपील की है। आयोजन समिति का नाम संकल्प संस्कृति संस्था है, जिसने अपने इस कदम को लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए जरूरी बताया है।

गुजरात के अहमदाबाद में नवरात्रि के अवसर पर चल रहे गरबा कार्यक्रम में घुसपैठ किए हुए एक मुस्लिम युवक को हिन्दू संगठनों ने पकड़ा है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में उसे पंडाल से भगा दिया गया। वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन में गरबा पंडाल में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। आयोजकों ने बिना आधार कार्ड के पंडाल में इंट्री बैन कर दी है।

पहला मामला गुजरात के अहमदाबाद से है। यहाँ के YMCA क्लब में गरबा कार्यक्रम चल रहा था। इस बीच एक मुस्लिम युवक हिन्दू जैसे कपड़े पहनकर गरबा कार्यक्रम में शामिल हो गया। वहाँ मौजूद बजरंग दल के सदस्यों को उस व्यक्ति पर शक हुआ तो उसे रोककर पूछताछ की। इस दौरान उस व्यक्ति का आधार कार्ड चेक किया गया। आधार कार्ड से मुस्लिम युवक की असलियत सामने आ गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में एक हिन्दू कार्यकर्ता कहते हुए सुनाईने कहा, “तुम भगवान में विश्वास नहीं करते तो यहाँ क्यों आए हो? यह कोई डिस्कोथेक नहीं है। यहाँ मत आओ।” बाद में हिन्दू संगठन के लोग मुस्लिम युवक को वहाँ से धक्का देकर भगा देते हैं। हिन्दू संगठनों ने आयोजकों से भी अपील की है कि वो नवरात्रि में गैर हिन्दुओं को गरबा पंडाल में न आने दें।

उज्जैन के गरबा पंडाल में हिन्दू को ही इंट्री

उज्जैन में एक गरबा आयोजक ने पोस्टर लगा कर गैर हिंदुओं से पंडाल में न आने की अपील की है। आयोजन समिति का नाम संकल्प संस्कृति संस्था है, जिसने अपने इस कदम को लव जिहाद पर रोक लगाने के लिए जरूरी बताया है।

इस संस्था के अध्यक्ष बहादुर सिंह राठौर ने आने वाले हिन्दुओं से भी तिलक लगाकर पंडाल में प्रवेश करने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि वो किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं और जिसे आना भी है वो अपने परिवार की महिलाओं को साथ लेकर आए।

पंडाल में इंट्री के दौरान लोगों के आधार कार्ड भी चेक किए जा रहे हैं। इस मामले में TOI से बात करते हुए उज्जैन के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने इस निर्णय को आयोजक का व्यक्तिगत फैसला बताया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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