बबेले जो काम कभी पत्रकारिता का चोला ओढ़ कर करते थे, वह अब खुलकर करने लगे हैं। कश्मीरी हिंदुओं को लेकर ट्विटर पर उन्होंने जो दस्त की है, वह इसका ही एक नमूना है।
रामचंद्र गुहा ने स्क्रॉल में लिखे अपने आर्टिकल में कॉन्ग्रेस का महिमामंडन करते हुए बताया कि कैसे नरेंद्र मोदी ने गुजरात दंगों के लिए मुस्लिमों से माफी नहीं माँगी है।
लिबरल गिरोह और उसके इकोसिस्टम के लोगों के लिए अब अपने एजेंडा को छिपाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। अब ये इकोसिस्टम पूरी बेशर्मी के साथ अपना एजेंडा चलाता है।
नीरज चोपड़ा का नाम लेकर कई वामपंथी सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कुतर्क है कि नीरज किसान के बेटे हैं इसलिए उन्हें अवार्ड नहीं मिला।
'द प्रिंट' आया सड़क पर नमाज के बचाव में। लाखों की मुस्लिम भीड़ सड़क घंटों जाम करे तो ठीक, 10 हिन्दू हनुमान चालीसा पढ़ दें तो खतरनाक? क्या हिन्दू हमेशा 'धिम्मी' बन कर रहे और मंदिरों में पूजा-पाठ बंद कर नमाज ही करवाई जाए?
पंजाब में गहराए राजनीतिक संकट के बीच मीडिया गिरोह राहुल गाँधी की छवि बचाने के लिए सीमावर्ती राज्य को लेकर व्यक्त की जा रही हर चिंता को सिरे से नकार रहा है।