विचार

अप्रिय रवीश कुमार! एक ‘शांतिपूर्ण आंदोलन’ 53 लोगों की जान ले चुका है, अभी कितने बाकी हैं?

व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के कुलपति रवीश कुमार ने अपने नए प्राइम टाइम वीडियो में आरोप लगाया है कि किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को बदनाम किया जा रहा है।

विरोध कृषि कानूनों का, पैदावार नफरत की: किसानों की आड़ में उमर खालिद और शरजील को समर्थन के मायने

किसान आंदोलन के पीछे छिपी मंशा पर सवाल बेवजह नहीं है। चाहे वह खालिस्तानी ताकतों की घुसपैठ हो या फिर उमर खालिद और शरजील इमाम के लिए दिखा समर्थन।

तीस हजार बाबरी बाकी है, और उसे ले कर रहेंगे: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on 30000 Babris remain, Hindus must have...

अब वह समय आ गया है कि जब भी कोई ‘बाबरी जिंदा है‘ कहे, तो हमें कहना चाहिए कि हाँ, तीस हजार जिंदा है, और एक-एक को तोड़ कर, मंदिर वहीं बनाएँगे।

सीताराम को बाथरूम में किया बंद, सिंधिया को नहीं दिया समय: सोनिया गाँधी ने ‘यूज एंड थ्रो’ से 22 साल चलाया कॉन्ग्रेस

सोनिया गाँधी फ़िलहाल कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष हैं। उनके कार्यकाल में कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेताओं को किनारे लगाया गया। जानिए कैसे...ये परंपरा यूँ तो इससे भी पुरानी है, लेकिन तब नेहरू, इंदिरा और राजीव के लिए ऐसा होता था, उसके बाद सोनिया और अब राहुल के लिए यही हो रहा है।

किसानों का ‘भारत बंद’: यह शाहीन बाग मॉडल का ही बदला रूप है, आखिर क्यों सरकार को इसे देशद्रोह मानना चाहिए

हम मोदी सरकार के पिछले 6 वर्षों को याद करें तो इस दौरान कई ऐसी परिस्थितियाँ सामने आई, जिसे फर्जी तरीके से गढ़ा गया था। चाहे वो राफेल रोना होना हो या जज लोया की मौत और उसके साथ लगाए गए झूठे इल्जाम। इतना ही नहीं....

नमाज पढ़ते मुस्लिम और सुरक्षा में सिखों का घेरा: हाईजैक ‘किसान आंदोलन’ और शाहीन बाग मॉडल

'किसान आंदोलन' में नमाज पढ़ते मुस्लिम और उनकी 'सुरक्षा' में खड़े सिख समुदाय के लोगों की तस्वीर व वीडियो को राना अयूब जैसों ने वायरल किया।

लव जिहाद पर हिंदू चुप रहें, क्योंकि सागरिका घोष ऐसा ही चाहती हैं, उन्होंने तुर्किश शो भी देखी है

ग्रूमिंग जिहाद के नाम पर हिंदू महिलाओं के भयावह अनुभव को सागरिका घोष मुस्लिम दामादों के प्रति 'मानसिक उन्माद' बताकर खारिज कर देती हैं।

तीस हजार बाबरी बाकी है, और हम उसे ले कर रहेंगे

हर राष्ट्र में कानून बहुसंख्यकों के हिसाब से होता है और अल्पसंख्यकों को उसी दायरे के अनुकूल बनना पड़ता है। यहाँ हमेशा उल्टा होता आया है क्योंकि सर्वसमावेशन और सहिष्णुता की बात सिर्फ हिन्दुओं की ही जिम्मेदारी बन गई है।

नारीवादियो तेरा कुछ नहीं जाता, पर सितारा परवीन जैसों के लिए बेड़ी बन जाती है जायरा वसीम और सना खान की ‘घर वापसी’

नारीवाद का झंडा बुलंद करने वालों को सना, जायरा वसीम, हलीमा के फैसलों में पितृसत्ता क्यों नहीं दिखती?

‘बाबरी मस्जिद… भगवान का घर तोड़ना पाप’ – शब्दों से खेल रही स्वरा भास्कर की हिंदी कमजोर या है पाखंड?

स्वरा जैसों का प्रयास आज भी वही है कि राम मंदिर बनने के बाद सेकुलर हिंदू उसमें जाए और मंदिर में बैठकर अल्लाह से माफी माँगे।

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